कुलभूषण मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान एक बार फिर अपनी औछी हरकतों पर उतर आया है। पाकिस्तान ने कुलभूषण पर दिए ICJ के फैसले को ही मानने से इंकार कर दिया है।
पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की ओर से दिए गए बयान में कहा गया है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय अदालत के अधिकार क्षेत्र से बाहर का है और हम इस फैसले को नहीं मानते। विदेश मंत्रालय के अनुसार ये पाकिस्तान की आतंरिक सुरक्षा का मामला है इसलिए हम अपने नियम कानूनों का पालन करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार विएना संधि के आर्टिकल 36 के अनुसार भी पाकिस्तान पर यह फैसला लागू नहीं होता। वहीं पाकिस्तान ने भारत पर भी अपनी खीझ निकाली, कहा कि भारत एक ऐसे व्यक्ति को बचाने का प्रयास कर रहा है जो बेगुनाह पाकिस्तानियों की मौत का जिम्मेदार है। हम इस मुद्दे पर अभी और सबूत अंतरराष्ट्रीय अदालत के सामने रखेंगे और इसे अंतिम निष्कर्ष तक ले जाने का प्रयास करेंगे।
India is trying to defend a person whose actions led to killing of scores of innocent Pakistanis-Pak Foreign Ministry Spox #KulbhushanJadhav pic.twitter.com/BiZ7dG4Gm8
— ANI (@ANI_news) May 18, 2017
वहीं अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने प्रेस कॉन्फ्रेस करते हुए कहा कि जाधव को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी। बागले ने कहा कोर्ट ने फांसी पर रोक लगाने का साफ साफ आदेश दिया है जो अंतिम फैसला आने तक जारी रहेगा।
बागले ने कहा कि कोर्ट ने भी माना कि पाक ने जाधव के मानवाधिकारों का हनन किया था। ऐसे में इंटरनेशनल कानून के तहत पाक को अब अपने किए का सबक मिल सकेगा। हालांकि बागले ने पाक विदेश मंत्रालय के उस बयान पर प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया जिसमें अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले को मानने से इंकार कर दिया।
We hope it will help remedy egregious violations of Jadhav's rights & violations of international convention by Pak: MEA #KulbhushanJadhav pic.twitter.com/s9Pm4pTZcD
— ANI (@ANI_news) May 18, 2017