मुजफ्फरनगर में बघरा की दरगाहे आलिया में मंगलवार देर रात हुई मजलिस को खिताब करते हुए पाकिस्तान से आए शिया धर्मगुरु शौकत रजा शौकत ने दुनिया में बढ़ रहे आतंकवाद की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि दुनिया के हर मुसलमान को आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना चाहिए और अपने मुल्क में अमन-चैन की दुआ करनी चाहिए।
अली अख्तर जैदी की बरसी के मौके पर हुई मजलिस में धर्मगुरु शौकत रजा शौकत ने वाकयात-ए-करबला पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि करीब 1400 साल पहले यजीद नामक शासक ने जब आतंकवाद फैलाया, तो इमाम हुसैन ने उसकी कड़े शब्दों में निंदा की थी।
जब यजीद ने उनकी आवाज दबानी चाही तो उन्होंने अपने सिर्फ 72 साथियों के साथ उनका सामना किया, जिसकी लाखों की फौज थी। इमाम हुसैन ने इस्लाम और इंसानियत को बचाने के लिए अपनी कुर्बानी दे दी और इंसानियत को बचाया।
आज समाज में यजीद का कोई नाम लेने वाला नहीं है, जबकि इमाम हुसैन को चाहने वालों की पूरी दुनिया में भारी संख्या मौजूद है। मजलिस में प्रसिद्ध नौहे ख्वान फरहान अली वारिस ने नोहेख्वानी की। इसके बाद अंजुमन पंजतनी सैथल बरेली ने नौहेख्वानी की। इससे पहले मौलाना शमीम हैदर बिलासपुर ने तिलावत-ए-कुरान पाक से मजलिस का आगाज किया।
सौज ख्वानी हसन अली संभलहेड़ा ने की। पेशख्वानी सैयद फैजान रजा ने की। निजामत रजा सिरसवी ने की। मजलिस के अंत में जीशान हैदर ने सभी का आभार जताया। साथ ही दरगाह कमेटी अंजुमन आरफी और जिला प्रशासन के सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया।