फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jagdeep Dhankhar: 'दुख है कि किसी ने भी उसपर दावा नहीं किया', राज्यसभा चेंबर में मिले कैश पर बोले जगदीप धनखड़

Mon, 13 Jan 2025 05:53 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राज्यसभा अध्यक्ष और देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ में राज्यसभा चेंबर में मिले कैश की घटना पर एक महीने बाद टिप्पणी की है। सोमवार को उपराष्ट्रपति धनखड़ ने इस मामले में कहा कि, मुझे दुख है कि राज्यसभा चेंबर में मिले नकदी पर किसी ने भी दावा नहीं किया।
विज्ञापन
राज्यसभा चेंबर में मिले कैश पर बोले जगदीप धनखड़ - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को इस बात पर दुख जताया कि पिछले महीने राज्यसभा कक्ष में मिले नोटों की गड्डी को लेने के लिए कोई भी सांसद आगे नहीं आया। उन्होंने कहा कि यह हमारे नैतिक मानकों के लिए सामूहिक चुनौती है। 
विज्ञापन


कांग्रेस सांसद की सीट पर मिली थी नोटों की गड्डी
बता दें कि, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान 6 दिसंबर को राज्यसभा में कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित सीट से 500 रुपये के नोटों की गड्डी मिलने पर उच्च सदन में हलचल मच गई थी। विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के सदस्यों ने आरोप-प्रत्यारोप लगाए और अभिषेक मनु सिंघवी ने 'सुरक्षा चूक' की जांच की मांग की थी। कांग्रेस नेता ने यह भी सुझाव दिया था कि सांसदों की अनुपस्थिति में सीटों पर 'गांजा' रखने से रोकने के लिए कांच के घेरे बनाए जाने चाहिए। 

बस मेरी पीड़ा की कल्पना कीजिए-  जगदीप धनखड़
नई दिल्ली में राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने एक पुस्तक विमोचन के अवसर पर कहा, 'बस मेरी पीड़ा की कल्पना कीजिए। लगभग एक महीने पहले ही, हमें राज्यसभा की एक विशेष सीट पर 500 रुपये के नोटों की गड्डी मिली थी। मुझे वास्तव में इस बात से दुख हुआ कि कोई भी इसे लेने नहीं आया।' उपराष्ट्रपति ने इसे 'बहुत गंभीर मुद्दा' बताया। उन्होंने कहा, 'आप नोट ले जा सकते हैं, शायद आवश्यकता के कारण, लेकिन फिर किसी ने दावा नहीं किया है, यह हमारे नैतिक मानकों के लिए एक सामूहिक चुनौती है।' 
विज्ञापन


'पार्टियों के कहने पर सदन में व्यवधान डालते हैं सांसद'
जगदीप धनखड़ ने बताया कि लंबे समय तक नैतिकता पर कोई समिति नहीं थी। 1990 के दशक के उत्तरार्ध में ही पहली बार राज्यसभा में नैतिकता पर एक समिति बनी, जो कार्यात्मक है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा, 'राज्यसभा के अध्यक्ष के रूप में, मैं आपको बता सकता हूं कि जो कोई भी सदस्य के रूप में राज्यसभा में है, वह शानदार साख, महान अनुभव और अनुभव के साथ एक मानव संसाधन है, लेकिन जब कार्रवाई की बात आती है, तो वे किसी और के मार्गदर्शन में होते हैं।' वह स्पष्ट रूप से सांसदों को सदन में मुद्दों को उठाते समय पार्टी लाइन का पालन करने का हवाला दे रहे थे। अतीत में, जगदीप धनखड़ ने कहा था कि हालांकि अधिकांश सांसद इसके खिलाफ हैं, लेकिन वे सदन में व्यवधान पैदा करते हैं क्योंकि उनकी संबंधित पार्टियां उन्हें ऐसा करने के लिए कहती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें