दरिंदगी की शिकार 13 साल की किशोरी के मां बनने की दुख भरी दास्तां दिल को दहलाने वाली है। अपने साथ जमाने भर का दर्द समेटे इस परिवार को हर कदम शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। मजदूरी कर दो वक्त की रोटी जुटाने वाला पिता मोटे ब्याज के कर्ज में फंस गया है। हर मोड़ पर परिस्थितियां इस कदर विपरीत हैं कि कहीं किनारा नहीं मिल रहा है।
अमर उजाला की टीम बृहस्पतिवार दोपहर पीड़ित परिवार के मकान पर पहुंची। दरवाजे पर दस्तक दी तो अंदर आवाज आई कौन है? परिचय देने पर पीड़िता के पिता ने तसल्ली करने के बाद दरवाजा खोला। घर में सन्नाटा था। परिवार के सभी सदस्य परदे के पीछे एक कमरे में थे। परिवार का हाल पूछते ही पिता की आंखों में आंसू आ गए। वह बोले- हम तो बर्बाद हो गए। 55 साल के उस हैवान ने हमें तो तबाह ही कर दिया। इज्जत भी गई, घर भी गया।
अब दुनिया से मुंह छिपाते फिर रहे हैं। इस बस्ती में अभी तक उनके अतीत के बारे में किसी को नहीं पता था। लेकिन, बेटी के मां बनने के बाद पूरे परिवार के मन में अजीब सी दहशत है। हर वक्त घर के दरवाजे बंद कर कैदियों की तरह रह रहे हैं। दरवाजे पर किसी की दस्तक होते ही अजीब सा खौफ छा जाता है। इस वजह से उन्होंने इस बस्ती का पता भी अपने कुछ ही रिश्तेदारों को दे रखा है।