केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने मनी लांड्रिंग के आरोप में कोलकाता के पैलान समूह के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक अपूर्व साहा को मंगलवार रात को गिरफ्तार कर लिया। दो महीने पहले सीबीआई ने समूह के निदेशक धनंजय कुमार सिंह को इसी मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि पैलान समूह ने अधिक रिटर्न की लालच देकर बाजार से 500 करोड़ से ज्यादा की रकम जुटाई थी। निवेशकों को रकम लौटाने की बजाए दफ्तर बंद कर फरार हो गए थे।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि साहा को इस मामले में पूछताछ के लिए सीबीआई के दफ्तर में बुलाया गया था। दिन भर चली पूछताछ के बाद उनको गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, साहा कुछ समय से भूमिगत थे। एजेंसी ने बीते साल साहा के घर व दफ्तरों में छापे मारे थे। साहा पूछताछ के दौरान यह बताने में नाकाम रहे कि निवेशकों से जुटाई गई पांच सौ करोड़ से ज्यादा की रकम कहां गायब हो गई।
सेबी ने वर्ष 2015 में पैलान समूह की दो कंपनियों और उसके निदेशकों पर निवेशकों से पैसे जुटाने पर रोक लगा दी थी। सेबी के मुताबिक इन दोनों कंपनियों ने गैर-कानूनी तरीके से नान-कनवर्टिवल बांड के जरिए बाजार से 83.4 करोड़ रुपए उगाहे थे। बीते साल सेबी ने साहा को उक्त रकम वापस करने का निर्देश दिया था, लेकिन साहा ऐसा करने में नाकाम रहे। इसके साथ ही वे विभिन्न योजनाओं के जरिए निवेशकों से जुटाए गए लगभग 574 करोड़ रुपए का भी कोई हिसाब नहीं दे सके।