पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को कड़ा जवाब देने के लिए भारत ने तैयारी तेज कर दी है। आतंक के पनाहगार पाकिस्तान की हरकतों को रोकने और आतंक को नेस्तनाबूद करने के लिए तीनों सेनाएं अलर्ट मोड पर हैं। भारतीय नौसेना अरब सागर में अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र में अभ्यास तेज कर दिया है।
पाकिस्तान के साथ तनाव के बीच नौसेना का जंगी जहाज आईएनएस सूरत पहली बार सूरत के हजीरा पोर्ट पर तैनात कर दिया गया। नौसेना के कमांड अधिकारी कैप्टन संदीप शोरे ने बताया कि आईएनएस सूरत देश के सबसे उन्नत और शक्तिशाली युद्धपोतों में से एक है। एएनआई के मुताबिक, नौसेना ने अपने सभी वॉरशिप को अलर्ट पर रखा है।
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आईएनएस-सूरत युद्धपोत विध्वंसक श्रेणी में आता है। यह पनडुब्बी, जहाज, विमान जैसे किसी भी लक्ष्य को निशाना बना सकता है। इसके साथ हेलिकॉप्टर भी तैनात रहते हैं।
युद्धपोत में आधुनिक हथियार प्रणाली, रडार, और मिसाइलें लगी हैं जो इसे समुद्री सुरक्षा के लिए बेहद प्रभावी बनाती हैं।
आईएनएस विक्रांत अरब सागर में तैनात
भारतीय नौसेना ने स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत को अरब सागर में तैनात किया था। यह भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक रणनीतिक संकेत माना जा रहा है। तैनाती 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद की गई थी।इससे पहले भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट किया था। इसमें लिखा गया, 'एकता में शक्ति, उद्देश्यपूर्ण उपस्थिति।' नौसेना ने पोस्ट के साथ कई हैशटैग भी लगाए थे। जैसे- #MissionReady #AnytimeAnywhereAnyhow.
26 लोगों की हुई थी मौत
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट ‘मिनी स्विटरलैंड’ नाम से मशहूर पर्यटन स्थल पर 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें ज्यादातर पर्यटक थे। यह 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला था।
ISI के लिए जासूसी करने का आरोपी गिरफ्तार
इस बीच राजस्थान इंटेलिजेंस ने जैसलमेर निवासी पठान खान को पाकिस्तान की ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ सरकारी गोपनीयता अधिनियम, 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे करीब एक महीने पहले हिरासत में लिया गया था और तब से उससे पूछताछ की जा रही थी। उसे औपचारिक रूप से 1 मई 2025 को गिरफ्तार किया गया।
2013 में पाकिस्तान गया था
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, पठान खान 2013 में पाकिस्तान गया था, जहां वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के अधिकारियों के संपर्क में आया। पाकिस्तान में उसे पैसों का लालच दिया गया और जासूसी का प्रशिक्षण दिया गया। 2013 के बाद भी वह वहां जाकर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों से मिलता रहा और जैसलमेर अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़ी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ साझा करता रहा।
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