पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए 26 पर्यटकों में से तीन बंगाल के थे। उनमें से दो फिर कोलकाता के निवासी थे। शनिवार को एनआईए की टीम उन मृतकों में से दो बितान अधिकारी और समीर गुहा के घर पहुंची। बताया जा राह है कि टीम ने उनसे उस दिन की घटना की जानकारी ली।
शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे एनआईए के अधिकारी बेहाला स्थित समीर गुहा के घर पहुंचे। समीर गुहा एक केंद्रीय कर्मचारी थे। अधिकारियों ने समीर के परिवार से बातचीत की। इसके बाद वे वहां से निकलकर पाटुली में स्थित बितान अधिकारी के घर भी पहुंचे।
सूत्रों के अनुसार, केवल बितान और समीर के घर ही नहीं, बल्कि पुरुलिया के झालदा निवासी मनीष रंजन मिश्रा के घर भी जांच एजेंसी के अधिकारी जाएंगे। गौरतलब है कि पर्यटकों पर आतंकी हमले की जांच में एनआईए जम्मू-कश्मीर पुलिस की सहायता कर रही है। देशभर में जिन पर्यटकों की इस हमले में मृत्यु हुई, केंद्रीय जांच एजेंसियां उनके घर भी पहुंच रही हैं।
बंगाल सरकार मृतकों के परिजनों को देगी दस-दस लाख रुपएः ममता
पश्चिम बंगाग की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहलगाम में मारे गए बंगाल के तीन और बलिदान झंटु शेख के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। जम्मू-कश्मीर घूमने गए बितान अधिकारी, समीर गुहा और मनीष रंजन मिश्रा आतंकियों की गोलीबारी में मारे गए। दूसरी ओर, सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में झंटु शेख बलिदान हुए। इन सभी के परिवारों के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुआवजे की घोषणा की।
चारों परिवारों को दस-दस लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। इसमें मृतकों की पत्नियों को पांच लाख रुपए और माता-पिता को पांच लाख रुपए मुआवजा दिया जाएगा। सीएम ने कहा, बितान अधिकारी के पिता को हर महीने दस हजार रुपये पेंशन भी दी जाएगी। साथ ही, 'स्वास्थ्य साथी' कार्ड के जरिए बितान के माता-पिता के इलाज का भी प्रबंध किया जाएगा।
शहीद की पत्नी को दी जाएगी नौकरी
दूसरी ओर, जम्मू-कश्मीर में सेना और आतंकियों के संघर्ष में शहीद झंटु शेख के परिवार को भी मुख्यमंत्री ने मुआवजा देने की घोषणा की। उनके परिवार को भी 10 लाख रुपए का मुआवजा दिय़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, कश्मीर में शहीद झंटु शेख की मां से भी बात हुई है। झंटु शेख की पत्नी को विशेष केस के तहत नियमों के अनुसार सरकारी नौकरी भी दी जाएगी।