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पहलगाम हमले की बरसी: PM मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को याद किया; कहा- आतंक के आगे भारत कभी नहीं झुकेगा

Wed, 22 Apr 2026 07:52 AM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर देश एक बार फिर भावुक हो उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जान गंवाने वाले निर्दोषों को श्रद्धांजलि देते हुए आतंक के खिलाफ भारत के अडिग संकल्प को दोहराया, वहीं सेना ने भी कड़ा संदेश दिया।
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नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भावुक संदेश साझा करते हुए उन निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई थी। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इस भयावह हमले में जान गंवाने वाले लोगों को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति भी गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
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देश एकजुट है, आतंक के खिलाफ संकल्प मजबूत- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी भी प्रकार के आतंकवाद के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने दोहराया कि आतंकियों की साजिशें कभी सफल नहीं होंगी और देश पूरी मजबूती से उनका सामना करेगा।
 
राष्ट्रपति मुर्मु ने भी दी श्रद्धांजलि, आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प दोहराया
पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इस जघन्य घटना में मासूम लोगों की हुई मौत आज भी देश की सामूहिक स्मृति में गहराई से दर्ज है।
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राष्ट्रपति ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवाद जैसी कायराना हरकतें भारत की शांति और एकता के प्रति प्रतिबद्धता को कमजोर नहीं कर सकतीं। अपने संदेश में उन्होंने दोहराया कि देश आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को पूरी दृढ़ता से जारी रखेगा और हर रूप में इसका सामना करेगा।

पहलगाम में बना श्रद्धांजलि स्मारक
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में  श्रद्धांजलि स्थल स्थापित किया गया है, जो 22 अप्रैल 2025 को बैसरन में हुए दर्दनाक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले 26 लोगों की याद को समर्पित है। यह स्मारक उन मासूम जिंदगियों की याद दिलाता है, जिन्हें इस भयावह घटना में खो दिया गया था।
 

स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने मिलकर इस स्थान को श्रद्धा और स्मृति का प्रतीक बनाया है, जहां लोग आकर शहीदों को नमन कर सकें और उन्हें श्रद्धांजलि दे सकें।

भारत का जवाब अब और सख्त व निर्णायक- राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी पहलगाम में हुए आतंकी हमले की बरसी पर जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल 2025 को हुए इस कायरतापूर्ण हमले में जिन निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई, उन्हें देश कभी नहीं भूल सकता। राजनाथ सिंह ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके दर्द को पूरा देश साझा करता है। उन्होंने कहा कि यह घाव भारत की स्मृतियों में हमेशा ताजा रहेगा।

रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि भारत ने दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना किया है, लेकिन आज देश की प्रतिक्रिया पहले से कहीं अधिक मजबूत, स्पष्ट और निर्णायक है। उन्होंने दो टूक कहा कि भारत की एकता और नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश का जवाब पूरी शक्ति और दृढ़ता के साथ दिया जाएगा। राजनाथ सिंह ने जोर देते हुए कहा कि भारत अब हर चुनौती का जवाब मजबूती से दे रहा है। आतंकवाद या देश की एकता को चुनौती देने वाली किसी भी हरकत को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर अमित शाह की श्रद्धांजलि
पहलगाम में हुए दर्दनाक आतंकी हमले की बरसी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन मासूम लोगों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने इस हमले में अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने कहा कि यह घटना आज भी हर भारतीय के दिल में गहरे दुख और पीड़ा के रूप में मौजूद है।

अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसके खिलाफ सभी को मिलकर एकजुट होकर लड़ना होगा। उन्होंने दोहराया कि भारत आतंकवाद और उसे संरक्षण देने वालों के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर पूरी मजबूती से कायम रहेगा।

आतंक के खिलाफ भारत का संकल्प अटूट- मनोज सिन्हा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। अपने संदेश में कहा गया कि इस दर्दनाक हमले में मारे गए मासूम लोगों की यादें हमेशा दिलों में जीवित रहेंगी। उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा गया कि पूरा देश इस दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ा है।

अपने संदेश में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा 'हम न भूलेंगे, न माफ करेंगे, यह हमारा संकल्प है।' साथ ही यह भी दोहराया गया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह एकजुट है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए दृढ़ प्रतिबद्ध है।

भारतीय सेना का सख्त संदेश- ऑपरेशन महादेव में 3 आतंकी ढेर
भारतीय सेना ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदेश लिखकर कहा कि भारत के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई का जवाब निश्चित और सख्त होगा। सेना ने कहा कि न्याय हमेशा मिलेगा और इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

ऑपरेशन महादेव के तहत सेना ने यह बड़ी सफलता हासिल की है। इस अभियान को लेकर सेना ने संकेत दिया कि यह सिर्फ समय की बात थी। इस ऑपरेशन के दौरान लगभग 300 प्रतिशत अत्यंत दुर्गम और खतरनाक इलाकों की गहन तलाशी ली गई। लगातार 93 दिनों और रातों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली।
 
इस कार्रवाई में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। इसके साथ ही सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है, और आतंकवाद के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी मजबूती के साथ चलता रहेगा।

जानिए कब और कहां हुआ था हमला?
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में टूरिस्ट स्पॉट के तौर पर लोकप्रिय बायसरन घाटी में 22 अप्रैल 2025 को दोपहर करीब 2.30 बजे आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। इसमें 26 लोगों की मौत हो गई। बताया जाता है कि आतंकी सेना की वर्दी में आए थे। इस हमले में जिंदा बचे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आतंकियों ने पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। 

26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक थे। फरवरी, 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह सबसे बड़ा आतंकी हमला रहा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले इन आतंकियों ने खाने-पीने की दुकानों के आसपास हालात का जायजा लिया और फिर वहां बैठे लोगों और टट्टू की सवारी कर रहे पर्यटकों पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। हमले को अंजाम देने के बाद आतंकी घटनास्थल से फरार हो गए थे। बाद में सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने इन आतंकियों के भागने और इनकी लोकेशन को लेकर बडे़ खुलासे किए।

इस हमले के जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, यह एक केंद्रित, नपा-तुला और तनाव न बढ़ाने वाला सैन्य अभियान था, जिसका लक्ष्य पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकवादियों के अहम ठिकानों को निशाना बनाना था।

मिथुन मन्हास ने क्या कहा?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने बुधवार को पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को याद किया। इस जानलेवा हमले को एक साल पूरा होने के मौके पर उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वह उन लोगों को हिम्मत दें, जो 'अभी भी अपने परिवार को खोने के दुख से जूझ रहे हैं।' उन्होंने एक्स पर लिखा, 'पहलगाम में हिंदुओं पर हुए भयानक आतंकी हमले को एक साल हो गया है। भगवान शिव उन लोगों को हिम्मत दें, जो अभी भी अपने प्रियजनों को खोने के दुख से जूझ रहे हैं!'

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