मांस की बिक्री के लिए चर्चित यूपी के पड़रौना जिले के बसहिया गांव में शनिवार दोपहर को बूचड़खाने बंद कराने पहुंची पुलिस पर गांववालों ने पथराव कर दिया। इससे पुलिस को पीछे हटना पड़ा। आधा घंटे बाद पीएसी और पुलिस फोर्स के साथ सीओ व कोतवाल फिर गांव पहुंचे और जो मिला उसकी पिटाई की। इससे भीड़ फिर उग्र हो गई और पथराव शुरू कर दिया। उन्हें हटाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। शाम को एएसपी और एडीएम पीएसी के साथ पहुंचे और लोगों को समझाया।
पडरौना क्षेत्र के बसहिया गांव में मांस बेचे जाने की सूचना पर जांच करने शनिवार दोपहर एक बजे पुलिस पहुंची थी। बूचड़खानों के संबंध में बातचीत को लेकर उनकी महिलाओं से झड़प हो गई। इसके बाद गांववालों ने ईंट-पत्थर चला दिए। जिससे पुलिस की गाड़ी का शीशा टूट गया। संख्या कम देखकर पुलिसकर्मी कोतवाली लौट गए। करीब आधा घंटे बाद पीएसी और ज्यादा फोर्स के साथ सीओ व कोतवाल गांव पहुंचे। तब तक अधिकतर लोग घरों में ताला बंद कर भाग गए थे।
इसके बाद पुलिस को गांव में जो भी मिला उसे पीट दिया। इससे गुस्साए गांववालों ने पथराव कर दिया। सूचना पाकर एडीएम व एएसपी भी पीएसी के साथ पहुंचे। भीड़ हटाने के लिए पुलिस ने दो बार आंसू गैस के गोले छोड़े। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। बाद में एडीएम और एएसपी लोगों के बीच गए और उन्हें समझाकर शांत किया।
गांव की महिलाओं ने कहा कि जबसे अवैध बूचड़खानों को बंद करने का आदेश हुआ है, तब से गांव में मांस नहीं बिक रहा है। इसके बावजूद पुलिस ने लोगों को पकड़कर पीटा। एसपी राजू बाबू सिंह ने कहा कि बसहिया में अवैध बूचड़खाने की सूचना मिलने पर पुलिस गई थी। लेकिन वहां के लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया। स्थिति को देखते हुए सीओ और एएसपी को मौके पर भेजा गया। भीड़ हटाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके पहले भी चुनाव के दौरान दो लोगों को अवैध रूप से मांस बेचने के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है। उनके खिलाफ गैंगेस्टर और एनएसए की कार्रवाई की जाएगी।