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एमएस धोनी और अभिनेता मनोज जोशी सहित ये हस्तियां हुईं पद्म पुरस्कार से सम्मानित

Mon, 02 Apr 2018 10:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इस साल पद्म सम्मान के लिए चुने गए 84 लोगों में से शेष बचे 41 गणमान्य नागरिकों को सोमवार (2 अप्रैल) को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, बिलियर्ड्स चैम्पियन पंकज आडवाणी और फिल्म अभिनेता मनोज जोशी सहित 41 महत्वपूर्ण व्यक्तियों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया।

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राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस समारोह में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई हस्तियां उपस्थित रहीं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले 20 मार्च को मशहूर संगीतकार इलैयाराजा और शास्त्रीय गायक गुलाम मुस्तफा खान सहित 39 हस्तियों को पद्म अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा सम्मानित होने वाली इन हस्तियों में पर्दे के पीछे रहकर भारतीय समाज के सुधार के लिए काम करने वाले ऐसे ‘गुमनाम नायक’ भी शामिल हैं, जिनका संघर्ष सुनकर कोई भी हैरान हो सकता है।
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राष्ट्रपति भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित इस समारोह में संगीतकार इलैया राजा, गुलाम मुस्तफा व परमेश्वरन को देश के दूसरे सर्वोच्च सम्मान पद्म विभूषण से पुरस्कृत किया गया था, जबकि बिशप क्रिसोस्तम, पुरातत्वविद् रामचंद्रन नागास्वामी, कानूनविद् वेदप्रकाश नंदा और मशहूर सितारवादक पंडित अरविंद पारिक को पद्म भूषण सम्मान दिया गया।

पद्मश्री सम्मान पाने वाली 37 अन्य हस्तियों में पूर्व टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन शामिल थे तो 500 हर्बल दवाइयां बनाकर हजारों लोगों की जान बचा चुकीं केरल की आदिवासी महिला लक्ष्मीकुट्टी भी थीं।

मध्य प्रदेश की आदिवासी चित्रकारी को विदेशों तक पहुंचाने वाले गोंड चित्रकार भाज्जू श्याम भी पद्मश्री बने तो 20 साल तक घरों में नौकरानी का काम कर गरीबों के लिए अस्पताल का निर्माण करने वाली पश्चिम बंगाल की सुभाषिनी मिस्त्री को भी इस सम्मान से नवाजा गया था। 

प्लास्टिक कचरे से सड़कें बनाने का कमाल करने वाले तमिलनाडु के राजगोपालन वासुदेवन और कर्नाटक के पिछड़े इलाकों में बिना किसी चिकित्सकीय सुविधा की उपलब्धता के दाई का काम करने वाले 90 साल से अधिक उम्र के खेतिहर मजदूर एस. नारासाम्मा को भी पद्मश्री सम्मान दिया गया था।

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