सरकार ने वर्तमान खरीफ विपणन सीजन (केएमएस) 2020-21 के दौरान अपनी मौजूदा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजनाओं के अनुसार किसानों से एमएसपी पर खरीफ फसलों की खरीद कर रही है। खरीफ 2020-21 के लिए खरीद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हो रही है। मौजूदा समय में जारी केएमएस खरीद प्रक्रिया के तहत 73,781.36 करोड़ रुपये मूल्य की खरीद की गई है और इससे लगभग 44.32 लाख किसानों को लाभ पहुंचा है।
पिछले वर्ष के 319.23 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) की तुलना में इस वर्ष 15 दिसंबर तक 390.79 एलएमटी से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है। पिछले वर्ष के मुकाबले धान खरीद में 22.41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 390.79 एलएमटी की कुल खरीद में से अकेले पंजाब ने 202.77 एलएमटी का योगदान दिया है, जोकि कुल खरीद का 51.88 प्रतिशत है। राज्यों के प्रस्ताव के आधार पर तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्यों के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत खरीफ विपणन सीजन 2020 के दौरान 48.11 एलएमटी दालों और तिलहनों की खरीद के लिए भी मंजूरी दी गई थी।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल राज्यों के लिए 1.23 एलएमटी कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद के लिए भी मंजूरी दी गई थी। अन्य राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए पीएसएस के तहत दलहन, तिलहन और कोपरा की खरीद प्रस्तावों के मिलने पर मंजूरी दी जाएगी ताकि वर्ष 2020-21 के लिए राज्य की ओर से नामित खरीद एजेंसियों के माध्यम से केंद्रीय नोडल एजेंसियों द्वारा इन फसलों के एफएक्यू ग्रेड की खरीद, अधिसूचित एमएसपी पर सीधे पंजीकृत किसानों से कर सकें।
172132 एमटी मूंग, उड़द, मूंगफली की फली और सोयाबीन हुई खरीद
सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 15 दिसंबर तक 1,72,132 एमटी मूंग, उड़द, मूंगफली की फली और सोयाबीन की खरीद की है। इसका एमएसपी मूल्य 924.06 करोड़ रुपये है और इससे तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा और राजस्थान के 96,028 किसानों को लाभ हुआ है। इसी तरह, 15 दिसंबर तक 52.40 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य पर 5089 एमटी कोपरा (बारहमासी फसल) की खरीद की गई।
इससे कर्नाटक और तमिलनाडु के 3,961 किसान लाभान्वित हुए हैं जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 293.34 एमटी कोपरा की खरीद की गई थी। कोपरा और उड़द के संदर्भ में, अधिकांश प्रमुख उत्पादक राज्यों में खरीद दर एमएसपी से अधिक है। खरीफ दलहन और तिलहन के संबंध में राज्य/संघ शासित प्रदेश की सरकारें आवक के आधार पर अपनी तय की गई तिथि से खरीद शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारी कर रही हैं।
51,79,479 कपास गांठों की खरीद
पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों में एमएसपी के तहत बीज कपास (कपास) की खरीद का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है। 15 दिसंबर तक 14,894.29 करोड़ रुपये मूल्य की 51,79,479 कपास गांठों की खरीद की गई है, जिससे 10,01,236 किसानों को फायदा हुआ है।