संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश कथित कैग रिपोर्ट को लेकर अटॉर्नी जरनल और कैग के प्रमुख को पूछताछ के लिए बुलाएगी। पीएसी के चेयरमैन और लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय जनहित याचिकाओं पर आया है। सुप्रीम कोर्ट ने राफेल के बारे में अपनी जो राय दी है उसे लेकर सरकार को जिन चीजों को ठीक ढंग से रखना चाहिए था, वह नहीं रखा गया है।
सरकार की ओर से कोर्ट में एटार्नी जनरल ने तथ्य रखे और उनके कहने पर सुप्रीम कोर्ट का एक अंदाजा बोलिए या उनको ऐसा महसूस हुआ कि संसद में सीएजी रिपोर्ट पेश की गई है। कोर्ट ने मान लिया सीएजी रिपोर्ट पीएसी में आई है और कमेटी में उसकी जांच हो गई है। खड़गे का कहना है कि कोर्ट ने ऐसा अंदाजा लगाया कि कैग की रिपोर्ट जिसमें विमान की कीमत का उल्लेख है वो सार्वजनिक पटल पर उपलब्ध है। जबकि ऐसा नहीं है, किसी के पास नहीं है। लिहाजा कोर्ट को गलत जानकारी दी गई।
उनका कहना है कि मैं अपने सभी कमेटी सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि अटार्नी जनरल को बुलाया जाए और सीएजी प्रमुख से भी पूछताछ की जाए। आखिर कब सीएजी रिपोर्ट सदन में रखी गई और वो कब स्वीकार होकर कमेटी के पास गई। सभी सदस्यों को बुलाकर पूछताछ की तारीख तय करेंगे। खड़गे ने कहा कि फैसले में क्या लिखा है, क्या ये झूठ है। ये झूठ आप देश को क्यों नहीं बता सकते। हमें गुमराह करने और देश को झूठ बताने के लिए माफी मांगे। उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट का आदर करते हैं, लेकिन वो जांच एजेंसी नहीं है और हम जांच करने के लिए ही जेपीसी की मांग कर रहे हैं।