पी चिदंबरम के वित्त मंत्री रहते 2013 में लॉन्च की गई 80:20 गोल्ड आयात स्कीम को लेकर राजस्व खुफिया महानिदेशालय (डीआरआई) ने आपत्ति की थी, लेकिन इसके बावजूद उसे लागू किया गया। लोक लेखा समिति (पीएसी) की एक उप समिति के सदस्यों को वित्त मंत्रालय ने यह जानकारी दी है।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली इस उप समिति ने तत्कालीन वित्त मंत्री द्वारा इस स्कीम को लांच करने की प्रक्रिया की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश करने का फैसला किया है।
सूत्रों के अनुसार डीआरआई ने इस आधार पर इस स्कीम का विरोध किया था कि इससे काले धन की राउंड ट्रिपिंग (काला धन को सफेद बनाना) और मनी लांड्रिंग को बढ़ावा मिलेगा।
गौरतलब है कि अगस्त, 2013 में लांच की गई इस स्कीम के तहत व्यापारियों को इस शर्त के साथ सोना आयात करने की अनुमति दी गई थी कि वे पिछले आयात के 20 फीसदी सोने का निर्यात करेंगे। सत्ता में आने के बाद नरेंद्र मोदी की एनडीए सरकार ने नवंबर, 2014 में इस स्कीम को बंद कर दिया था।