केरल के कन्नूर में जून 2015 में बम बनाते समय जान गंवाने वाले माकपा के दो कार्यकर्ताओं की स्मृति में एक स्मारक बनाया गया है। पार्टी के राज्य सचिव एमवी गोविंदन 22 मई को इस स्मारक का उद्घाटन करने वाले हैं। स्मारक बनाए जाने को लेकर लगातार विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस लगातार माकपा पर हमला कर रही है। वहीं, माकपा के वरिष्ठ नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि पार्टी के नेता पी जयराजन ने इस स्मारक को बनाए जाने के कदम को सही ठहराया है।
पार्टी कार्यकर्ताओं को 'बम राजनेता' बताने पर भड़के
जयराजन ने अपनी फेसबुक पर एक पोस्ट में पार्टी कार्यकर्ताओं को 'बम राजनेता' बताने के लिए मीडिया की आलोचना की। उन्होंने कहा कि दक्षिणपंथी मीडिया ने 2015 में अपने जीवन का बलिदान देने वालों को बम राजनेता करार दिया है। उन्होंने विस्फोट में मारे गए पार्टी कार्यकर्ता शैजू और सुबीश की तस्वीरें भी साझा की थीं।
वहीं, जयराजन ने मीडिया पर आरएसएस द्वारा उनके कार्यकर्ताओं अश्विनी और सुरेंद्रन की मौत के सिलसिले में बनाए गए स्मारक पर लीपापोती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पोयिलूर में 'अश्विनी-सुरेंद्रन मंदिर' नाम का एक स्मारक है। इसका निर्माण आरएसएस ने अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान में किया था, जो 2002 में बम बनाते समय मारे गए थे। इसके अलावा, आरएसएस ने चेरुवनचेरी में बम बनाते समय मारे गए प्रदीपन और दिलीप के लिए एक स्मारक का निर्माण किया।
बम की राजनीति शुरू करने वाली कांग्रेस और केपीसीसी
उन्होंने याद दिलाया कि कन्नूर में 'बम की राजनीति' शुरू करने की जिम्मेदारी कांग्रेस और केपीसीसी अध्यक्ष के सुधाकरन की है। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कन्नूर में पहली बार डीसीसी कार्यालय में बम फेंके थे। पूर्व डीसीसी सचिव ने खुलासा किया था कि उन्होंने अपने पार्टी कार्यालय में ही तीन तरह के बम बनाए थे। हालांकि जयराजन ने हाल ही में पनूर में हुए बम विस्फोट में शामिल लोगों से अपनी पार्टी को अलग कर लिया।'
उन्होंने कहा, 'यह तय है कि पनूर के मुलियाथोडे में बम विस्फोट में मारे गए लोगों का नाम सीपीएम की शहीद सूची में शामिल नहीं होगा। लेकिन, चेट्टाकांडी में शहीदों की याद जारी रहेगी।'
जयराजन ने कहा, 'यह मौत दो समूहों के बीच जारी संघर्ष का नतीजा है और इसे शहादत नहीं माना जाएगा। मीडिया और विपक्ष इस मौत को सीपीएम के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। पार्टी ने सार्वजनिक रूप से इस घटना की निंदा की है और आश्वासन दिया है कि इसे सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।'
कांग्रेस ने माकपा पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता और केरल विधानसभा के नेता वीडी सतीशन ने कहा, 'केरल में माकपा एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी समूह के रूप में काम कर रही है। वे तय करेंगे कि किसे मारना है और फिर एक जगह तय करेंगे और हथियारों की व्यवस्था भी करेंगे। वे या अपराधियों या पार्टी कार्यकर्ताओं को काम पर रखेंगे और वे अपराध करेंगे। अपराध करने के बाद पार्टी दोषियों को बचाएगी और किसी को जेल भेजा जाएगा और जेल में बंद व्यक्ति के परिवार की रक्षा करेंगे। यह एक आतंकवादी समूह की शैली है। वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को बम बनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं और निर्देश दे रहे हैं।'
यह है मामला
गौरतलब है, जून 2015 में बम बनाते समय जान गंवाने वाले सीपीआई (एम) के दो कार्यकर्ताओं की स्मृति में एक स्मारक बनाया गया है। स्मारक के उद्घाटन की घोषणा करने वाले पोस्टर सामने आने के बाद, कांग्रेस और भाजपा ने माकपा पर जमकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस घटना से साबित होता है कि बम बनाना माकपा की राजनीतिक गतिविधि का हिस्सा है।