कांग्रेस का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था में लगातार गिरावट आ रही है। सरकार को इस बात का सुराग नहीं मिल रहा है कि आखिर हालात क्यों बिगड़ रहे हैं। मनमोहन सरकार में वित्त मंत्री रहे पी.चिदंबरम ने बुधवार को केंद्र सरकार को घेरा और प्रधानमंत्री से अपील की बिगड़ती अर्थव्यवस्था की जिम्मेदारी स्वीकार करें। चिदंबरम ने वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री और भाजपा नेता यशंवत सिन्हा के बदहाल अर्थव्यवस्था पर प्रकाशित लेख की सराहना कर कहा कांग्रेस जो आरोप लगाती रही है वे सही साबित हुए हैं।
चिदंबरम ने कहा अक्सर ऐसा नहीं होता लेकिन कांग्रेस इस मंच से सत्ताधारी पार्टी के अनुभवी नेता यशवंत सिन्हा का स्वागत और उनके लेख की सराहना करती है। उन्होंने वर्तमान अर्थव्यवस्था के संबंध में सच बोला है। चिदंबरम ने बताया कि 1997, 2008 और 2013 देश की अर्थव्यस्था के लिए महत्वपूर्ण वर्ष थे जब कांग्रेस सत्ता में थी और अर्थव्यवस्था खराब थी। बावजूद हमारे पास विशेषज्ञ मौजूद थे जिसके चलते इस डिजास्टर से उबर पाए। मोदी सरकार के पास विशेषज्ञ नहीं है इन्हें न तो कारण पता है और न ही समाधान निकालने वाले विशेषज्ञ हैं। इसके लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली भी जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगातार अर्थव्यवस्था के कुप्रबंध को उजागर किया है। हमें चुप रहने के लिए कहा गया। मैं देश के अलग-अलग हिस्सों में जाता हूं लोगों से सुनने को मिलता है कि अच्छे दिन तो आए नहीं बुरे दिन कब जाएंगे। प्रधानमंत्री नारा देते थे अच्छे दिन आने वाले हैं। कब तक पीएम की बयानबाजी और नारों के पीछे इसे छुपाया जाएगा। कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। देश को बताएगी कि आर्थिक हालात बिगड़ रहे हैं।
उन्होंन कहा कि पिछले मानसून सत्र में हम जीएसटी और अर्थव्यवस्था को दोषपूर्ण तरीके से चलाने पर एक बहस करना चाहते थे। सरकार ने बहस की अनुमति नहीं दी। भाजपा सरकार देश की अर्थव्यवस्था को विनाशकारी मार्ग ले जा रही है जिसके खिलाफ कांग्रेस पार्टी का साहसपूर्वक बोलना जारी रहेगा। उन्होंने अर्थव्यवस्था के जानकार और विशेषज्ञों से डर छोड़कर अर्थव्यवस्था पर स्पष्ट बोलने और लिखने की अपील की।
चिदंबरम ने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को कच्चे तेल की कीमतों को बोनान्जा मिला लेकिन उसका लाभ देश को नहीं मिला। दो दशकों में निजी निवेश सबसे कम है और औद्योगिक उत्पादन बहुत कम हुआ है। निर्यात घट गया है। नोटबंदी देश के लिए डिजास्टर साबित हुआ है। खराब ढंग से लागू किया जीएसटी व्यापारियों के लिए मुसीबत बना और नुकसान हो रहा है। लाखों लोगों ने अपनी नौकरी खो दी है। सरकार जिस जीडीपी को 5.7 बता रही है वास्तविक तौर पर विकास दर 3.7 से भी कम है।