वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने रविवार को कहा कि यूपीए चेयरपर्सन का पद प्रधानमंत्री का पद नहीं है और न ही शरद पवार गठबंधन का चेयरपर्सन खुद को घोषित कराना चाहते हैं क्योंकि ऐसी कोई बात ही अभी नहीं है। उनका यह बयान उन अफवाहों पर आया है जिसमें कहा जा रहा है कि शरद पवार संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के चेयरपर्सन हो सकते हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, मुझे नहीं लगता शरद पवार गठबंधन का चेयरपर्सन घोषित होना चाहते हैं
चिदंबरम ने कहा कि मुझे नहीं लगता, शरद पवार यूपीए के चेयरपर्सन घोषित होना चाहते हैं। जब इन दलों की बैठक होगी तो सबसे बड़ी पार्टी का नेता बैठक की अध्यक्षता करेगा। आखिर हम कोई प्रधानमंत्री नहीं चुनने जा रहे हैं। यूपीए चेयरपर्सन के तौर पर कोई ऐसी चीज नहीं है।
यूपीए में शामिल दलों की बैठक बुलाए जाने के महत्वपूर्ण पर पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि यदि गठबंधन की बैठक बुलाई जाती है तो यह स्वाभाविक है कि कांग्रेस नेता बैठक की अध्यक्षता करेगा। साथ ही उन्होंने यूपीए के महत्व और देशभर में गठबंधन को मजबूत बनाने के लिए सहयोगी दलों के मिलकर काम करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि यूपीए की बैठक बुलाने के लिए कुछ दल पहल कर सकते हैं और कांग्रेस इसमें शामिल होगी लेकिन यदि कांग्रेस बैठक बुलाती है तो यह स्वाभाविक और सहज बात है कि पार्टी का नेता ही बैठक की अध्यक्षता करेगा।
उन्होंने कहा कि संसद में यूपीए में शामिल दलों में कांग्रेस ही सबसे मजबूत है। गठबंधन में नौ या दस दल है और इसमें सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस है। लोकसभा और राज्यसभा में मिलाकार कांग्रेस के 95 या 100 सदस्य हैं। हाल ही में महाराष्ट्र में कांग्रेस के सहयोगी शिवसेना ने अपनी पार्टी के मुखपत्र सामना में शरद पवार की प्रशंसा की थी और कहा था कि यूपीए का अगला चेयरपर्सन पवार को ही होना चाहिए।