कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने जम्मू और कश्मीर में अशांति की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। चिदंबरम ने रविवार को कहा कि घाटी के लोग दो चरम स्थितियों बीच फंसे हुए हैं। चिंदबरम ने लगातार पांच ट्वीट के जरिये कहा कि केंद्र सरकार घाटी पर एक चरम रुख अपनाया हुआ है, जिससे समस्या और बिगड़ गई है।
उन्होंने कहा है कि इसका नतीजा जम्मू और कश्मीर के लोगों और राज्य के भविष्य को भुगतना पड़ रहा है। अगले ट्वीट में चिदंबरम ने कहा कि मैंने पहले भी कई बार कह चुका हूं कि कश्मीर मुद्दा एक घाव बन चुका है।
1/5 On many occasions in the past I had cautioned that the Kashmir issue or problem (or by whatever name it is called) was a festering wound
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) July 16, 2017
2/5 The people of the Kashmir Valley are caught between the two maximalist positions.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) July 16, 2017
3/5 Just as the militants have taken a maximalist position that has to be rejected out of hand, (continued)
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) July 16, 2017
4/5 (continued) the Central government has taken a maximalist position that has aggravated the problem.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) July 16, 2017
5/5 The casualties are the people of J&K (especially those in the Valley) and the future of the state.
— P. Chidambaram (@PChidambaram_IN) July 16, 2017
बता दें कि जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शनिवार, 15 जुलाई को गृह मंत्री राजनाथ सिंह को बताया कि राज्य में बाहरी ताकतें परेशानियां पैदा कर रही हैं। महबूबा ने राज्य में कानून-व्यवस्था खासकर अमरनाथ तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के बारे में सिंह से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी।
गौरतलब है कि विपक्षी दल पिछले साल सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में अशांति और हिंसा के लिए केंद्र और पीडीपी और भाजपा की राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते रहे हैं।