वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट के कागजों को सूटकेस की जगह लाल कपड़े के फोल्डर में लाने पर पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने तंज कसा है। चिदंबरम ने कहा कि भविष्य में जब कांग्रेस का वित्त मंत्री बजट पेश करेगा तो वह डॉक्यूमेंट को आईपैड में ले जाएगा।
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी.चिदंबरम ने मोदी सरकार के बजट में की गई घोषणा को स्लोगम की संज्ञा देते हुए खोखला बताया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री बजट भाषण में क्या कहना चाहती थीं स्पष्ट नहीं है। सरकार क्या कहना चाहती है लोगों को ये भी नहीं बता रही कि कुल राजकोषीय घाटा कितना है। वे किससे डरते हैं। मोदी सरकार अब तक 143 के करीब स्लोगन दे चुकी है। जिसमें अच्छे दिन से लेकर न्यू इंडिया तक। हर स्लोगन की मियाद तीन महीने की होती है और उसके बाद फिर नया स्लोगन।
चिदंबरम ने कहा कि बजट में रक्षा, मिड डे मील, मनरेगा के लिए आवंटन का कोई जिक्र नहीं है जो कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि ये किस तरह की कॉमेडी है बिना पैन कार्ड के सिर्फ आधार कार्ड के माध्यम से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की सुविधा की घोषणा। चिदंबरम ने तंज किया कि आपको याद होगा कि जब आधार को आईटीआर फाइल करने के लिए अनिवार्य किया गया तो सवाल उठा कि जब पैन कार्ड है तो आधार की जरूरत क्या है। अब सरकार कह रही है कि बिना पैन के आधार से ही आईटीआर फाइल कर सकते हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि ये कैसी कॉमेडी है। मैं नहीं समझ पा रहा हूं कि पैन और आधार को तब लिंक करने की क्या जरूरत थी यह सरकार पहले कानूनों में संशोधन करती है उसके बाद सोचती है।
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आजादी से चले आ रहे ब्रीफकेस के ट्रेंड को खत्म कर दिया। पुरानी परंपरा को बदलते हुए सीतारमण ब्रीफकेस की जगह एक फोल्डर में बजट लेकर निकलीं।
कई परंपराओं को तोड़ा
मोदी सरकार इससे पहले कई परंपराओं को बजट में तोड़ चुकी है। पहले रेल बजट को खत्म किया था, इसके बाद बजट को पेश करने की तारीख को बदला और अब ब्रीफकेस में बजट को ले जाने की परंपरा को भी खत्म कर दिया है।
अब तक बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री एक ब्रीफकेस में ही बजट लेकर संसद पहुंचते थे। लेकिन सीतारमण बजट को लाल रंग के सीलबंद कवर पैक में ले जाते हुए दिखीं। अमूमन बजट को पहले फरवरी महीने के आखिरी कारोबारी दिन को पेश किया जाता था। यह तारीख 27 या फिर 28 फरवरी होती थी।
लेकिन अब इसे फरवरी के शुरू में पेश किया जाता है। इसके अलावा बाजपेयी सरकार के कार्यकाल में बजट पेश करने का समय शाम पांच बजे के बजाए दिन के 11 बजे किया गया था। वहीं रेल बजट आम बजट से एक दिन पहले आता था, लेकिन अब इसे भी केंद्रीय बजट में पूरी तरह से मिला दिया गया है।