पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मांग को प्रोत्साहित करने और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए केंद्र सरकार को और उधार लेने का सुझाव दिया है। कांग्रेस नेता ने पैसा जुटाने को कुछ उपाय भी सुझाए हैं, जिनमें एफआरबीएफ नियमों में ढील देना, विनिवेश में तेजी और वैश्विक बैंकों से उधार लेना शामिल है।
चिदंबरम ने रविवार को ट्वीट किया, मांग और खपत को प्रोत्साहित करने व अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के लिए कुछ ठोस उपाय किए जा सकते हैं। 50 फीसदी गरीब परिवारों को नकदी हस्तांतरित करें। ऐसे सभी परिवारों को अनाज दे, जिन्हें इसकी आवश्यकता है। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर खर्च बढ़ाएं।
उन्होंने लिखा कि बड़े सार्वजनिक निर्माण कार्य शुरू करें। बैंकों को दोबारा पूंजीकरण करे ताकि वे अधिक से अधिक उधार दे सकें और राज्यों को जीएसटी मुआवजे का भुगतान करें। और सबसे जरूरी हमें पैसे की आवश्यकता है, कर्ज लें, इसमें संकोच न करें।
कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, पैसा जुटाने के कुछ ठोस उपाय: एफआरबीएम मानदंडों में ढील दे और इस साल उधार लें। विनिवेश में तेजी लाएं। आईएमएफ, विश्व बैंक और एशियाई विकास बैंक की 6.5 अरब डॉलर की पेशकश को स्वीकार करें। अंतिम उपाय के तौर पर राजकोषीय घाटे का मौद्रीकरण करें।