कांग्रेस नेता पी चिदंबरम (फाइल फोटो)
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कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए देशभर में 21 दिनों का लॉकडाउन किया गया है। चुनिंदा क्षेत्रों को छोड़ कर सारे कामकार ठप्प हो चुके हैं। इसका असर गरीब तबके पर भी देखने को मिल रहा है। इस मामले पर अब केंद्र सरकार के खिलाफ कांग्रेस हमलावर हो गई है। कांग्रेस की तरफ से सरकार पर लाहरवाही का आरोप लगाया जा रहा है। दरअसल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने बुधवार को सरकार पर गरीबों की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया है।
पी चिदंबरम ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सरकार गरीबों की मदद में लापरवाह रही है, जिसके चलते इस वर्ग को इन दिनों काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इस दौरान पूर्व वित्त मंत्री ने 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन को खोलने की संभावना को लेकर केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकारों के साथ विचार-विमर्श करने के कदम का स्वागत भी किया है।
इस पूरे मामले पर पी चिदंबरम ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'लॉकडाउन की रणनीति में जो चीज गायब है वह गरीबों के हाथों में नकदी है। गरीबों के कई वर्ग ऐसे हैं जिन्हें सरकार की तरफ से एक भी रुपया नहीं मिला है।'
पी चिदंबरम ने अपने दूसरे ट्वीट में लिखा है, '23 फीसदी बेरोजगारी दर (CMIE) और दैनिक मजदूरी या आय रुक जाने को ध्यान में रखते हुए सरकार को तुरंत गरीबों को संसाधन और नकद देना होगा। इसी ट्वीट में चिदंबरम ने आगे लिखा है कि सरकार की दयनीय और क्रूर लापरवाह दृष्टिकोण ने गरीबों की कठिनाइयों को बढ़ा दिया है।
इससे पहले कांग्रेस की तरफ से अपील की गई थी कि सरकार कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी से हुए फायदे को जनता के साथ साझा करे। दरअसल, इन दिनों अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है। इसको लेकर कांग्रेस की तरफ से कहा गया था कि सरकार को इस गिरावट से जो फायदा हो रहा है, उसे वह लोगों के साथ साझा करे।