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LadengeCoronaSe: ऑक्सीजन की कमी से नहीं टूटेगी सांसों की डोर, पीएम केयर्स फंड से बनेंगे 551 प्लांट

Sun, 25 Apr 2021 01:30 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच देश ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहा है। ऑक्सीजन की कमी से टूट रही सांसों की डोर को बचाने के लिए सरकार ने 551 से अधिक ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट लगाने का एलान किया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच देश ऑक्सीजन की किल्लत से जूझ रहा है। ऑक्सीजन की कमी से टूट रही सांसों की डोर को बचाने के लिए सरकार ने एक बड़ा एलान किया है। केंद्र सरकार ने कहा कि देश में पीएम केयर्स फंड से सरकारी अस्पतालों में 551 से अधिक ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। 

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प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी ने देश में पीएम केयर्स फंड से 551 मेडिकल ऑक्सीजन बनाने वाले प्लांट को मंजूरी दे दी है। पीएमओ ने बताया कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाने की दिशा में पीएम मोदी के दिशा निर्देश के अनुसार, पीएम केयर्स फंड से 551 चिकित्सा ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्रों की स्थापना के लिए धन आवंटन की  मंजूरी दी है। 

पीएमओ के बयान के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निर्देश दिए हैं कि इन ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र को जल्द से जल्द चालू किया जाना चाहिए। पीएम केयर्स फंड से लगाए जा ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के जिला मुख्यालय में चिह्नित सरकारी अस्पतालों में स्थापित किए जाएंगे।
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जिला मुख्यालय के सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट स्थापित करने के पीछे मूल उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत करना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि इनमें से हर अस्पताल में कैप्टिव ऑक्सीजन पीढ़ी की सुविधा है। इन-हाउस कैप्टिव ऑक्सीजन की सुविधा इन अस्पतालों और जिले की दिन-प्रतिदिन मेडिकल ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करती है। तरल चिकित्सा ऑक्सीजन (एलएमओ) कैप्टिव ऑक्सीजन पीढ़ी के लिए "टॉप अप" के रूप में काम करेगी। इस तरह की प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि जिलों के सरकारी अस्पतालों को ऑक्सीजन की आपूर्ति में अचानक किसी भी तरह के व्यवधान का सामना न करना पड़े।
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