महाराष्ट्र के परभणी जिला अस्पताल में मंगलवार रात अचानक ऑक्सीजन का रिसाव होने लगा लेकिन एक कर्मचारी की तत्परता से 14 मरीजों की जान बच गई। दरअसल, पेड़ की एक शाखा ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले पाइप पर गिर जाने के कारण यह रिसाव होने लगा था।
उप जिलाधिकारी संजय कुंडेतकर ने बताया कि अस्पताल के कर्मचारी को जैसे ही ऑक्सीजन रिसाव का पता चला, उसने सभी मरीजों को बड़े ऑक्सीजन सिलिंडरों के साथ जोड़ दिया ताकि मरीजों की सांस चलती रहे।
अस्पताल के आपात और बर्न वार्ड में स्टोरेज टैंक से जिस पाइप के जरिए मेडिकल ऑक्सीजन आपूर्ति हो रही थी, उस पर रात करीब 11.30 बजे एक पेड़ की शाखा गिर गई और फिर ऑक्सीजन का रिसाव होने लगा था।
कर्मचारी ने आनन-फानन में सभी 14 मरीजों की सांसें जारी रखने के लिए उन्हें बड़े ऑक्सीजन सिलिंडरों के साथ जोड़ दिया। इस बीच रिसाव वाले हिस्से की मरम्मत के लिए करीब 2-3 मिनट तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद कर दी गई।
ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुबह 4 बजे ही शुरू हो पाई। गौरतलब है कि 21 अप्रैल को नासिक के सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन बाधित होने के कारण 22 कोरोना मरीजों को मौत हो गई थी।