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ऑक्सीजन की किल्लत: रास्ता रोकने के आरोपों पर किसानों का पलटवार, पुलिस जानबूझ कर ट्रकों को धरनास्थल पर कर रही डायवर्ट

Thu, 22 Apr 2021 03:29 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेद्र मलिक का कहना है कि पुलिस जानबूझकर ऑक्सीजन टैंकरों को गलत दिशा में भेज रही है। हमने कोई भी हाईवे को नहीं रोका है। जबकि दिल्ली पुलिस ने बैरीकेडिंग कर रास्ता रोक रखा है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन किसानों को बदनाम करने के लिए ये काम कर रहे हैं....
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गाजीपुर बॉर्डर पर किसान धरनास्थल से निकलता ऑक्सीजन भरा ट्रक - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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दिल्ली-एनसीआर में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वहीं दिल्ली की सीमाओं पर किसान केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। सिंघु, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर बैठे किसानों पर आरोप लग रहे हैं कि प्रदर्शनकारी किसान ऑक्सीजन टैंकरों के रास्ते में बाधा डाल रहे हैं। रास्ता रोकने के आरोप पर किसान संगठनों का कहना है कि, हम किसी भी ऑक्सीन टैंकरों का रास्ता नहीं रोक रहे है। दिल्ली पुलिस ही टैंकरों को गलत डायरेक्शन में भेज रहे है।

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सीमाओं पर बैठे किसानों पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि रास्ता बंद होने के कारण दिल्ली समेत कई राज्यों में ऑक्सीजन सप्लाई पुहंचने में देरी हो रही है। प्रदर्शनकारियों के रास्ता रोकने के कारण ऑक्सीजन टैंकर या तो गांव की संकरी गलियां में फंस रहे हैं या फिर उन्हें कई किलोमीटर दूर तक घूमकर अस्पताल में जाना पड़ रहा है, जिसके कारण लोगों को परेशानी हो रही है।

आरोपों पर किसान संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि आंदोलन के पहले दिन से ही आपात सेवाओं के लिए एक तरफ का रास्ता खुला छोड़ा रखा है। एक भी एंबुलेंस या जरूरी वस्तु सेवा को नहीं रोका गया है। उनका कहना है कि किसानों के विरूद्ध दुष्प्रचार किया जा रहा है कि उन्होंने सड़कें जाम कर रखी हैं। बल्कि केंद्र सरकार ने सड़कों पर बैरीकेडिंग और कीलें लगा रखी हैं। किसान मानवाधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और वे हर मानव के अधिकारों का समर्थन करते हैं।
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भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी धर्मेद्र मलिक का कहना है कि पुलिस जानबूझकर ऑक्सीजन टैंकरों को गलत दिशा में भेज रही है। हमने कोई भी हाईवे को नहीं रोका है। जबकि दिल्ली पुलिस ने बैरीकेडिंग कर रास्ता रोक रखा है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन किसानों को बदनाम करने के लिए ये काम कर रहे हैं। उन्होंने इसका वीडियो भी जारी किया है, जिसमें ऑक्सीजन का ट्रक धरनास्थल के तीन किलोमीटर अंदर होकर निकल रहा है और किसानों ने उसे निकलने में मदद की है।

गौरतलब है कि बीते वर्ष नवंबर माह से किसान नए कृषि कानूनों की मांग को रद्द करने को लेकर किसान संगठन दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे हैं। किसानों और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की चर्चाएं भी हुईं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है।

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