कोविड-19 पर एक विषय विशेषज्ञ समिति ने शुक्रवार को देश के औषधि नियामक से सिफारिश की कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) को ऑक्सफोर्ड के टीके के मनुष्य पर क्लीनिकल परीक्षण के दूसरे और तीसरे चरण की अनुमति प्रदान की जाए।
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के तहत संचालित समिति की सिफारिशों को मंजूरी के लिए भारत के औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) को भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि एसआईआई ने बुधवार को संशोधित प्रस्ताव जमा किया है। इससे पहले विशेषज्ञों की समिति ने मंगलवार को कंपनी के आवेदन पर विचार-विमर्श करने के बाद उससे परीक्षण के लिए प्रोटोकॉल बदलने को कहा था और कुछ अतिरिक्त जानकारी उससे मांगी थी।
एक आधिकारिक सूत्र ने बताया, 'कोविड-19 पर विषय विशेषज्ञ समिति ने एसआईआई के आवेदन पर विचार करने के लिए शुक्रवार को एक अत्यावश्यक बैठक की। विचार-विमर्श के बाद यह सिफारिश की गई है कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित टीके 'कोविशील्ड' के मनुष्य पर क्लीनिकल परीक्षण के दूसरे और तीसरे चरण के लिए अनुमति दी जाए।'
संशोधित प्रस्ताव के अनुसार परीक्षण में 18 साल से अधिक उम्र के 1,600 प्रतिभागी शामिल होंगे। ये परीक्षण 17 चयनित स्थानों पर किए जाएंगे जिनमें एम्स-दिल्ली, बीजे मेडिकल कॉलेज-पुणे, आरएमआरआईएमएस-पटना, पीजीआई-चंडीगढ़, एम्स-जोधपुर, नेहरू अस्पताल-गोरखपुर, आंध्र मेडिकल कॉलेज-विशाखापत्तनम और जेएसएस एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन एंड रिसर्च-मैसूरू शामिल हैं।
डीसीजीआई ने मंगलवार को एसआईआई से प्रोटोकॉल के तहत दूसरे और तीसरे चरण को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने को और समिति के मूल्यांकन के लिए आवेदन पुन: जमा करने को कहा था।