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मुंबई: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पहले ओवैसी ने मांगा धर्म के आधार पर वोट

Mon, 02 Jan 2017 11:03 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
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फाइल फोटो - फोटो : pti
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आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (एमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने धर्म के आधार पर वोट मांग कर मुंबई की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। एशिया के वैभवशाली नगर निकाय मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में पहली बार ताल ठोकने जा रही एमआईएम के चीफ ओवैसी ने मुंबई में कहा है कि अगर उनकी पार्टी बीएमसी चुनाव जीतती है तो कुल बजट का 21 फीसदी हिस्सा मुस्लिमों के लिए खर्च किया जाएगा।
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ओवैसी का यह बयान सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का उल्लंघन है जिसमें सात जजों की संवैधानिक पीठ ने धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर वोट मांगना गैरकानूनी करार दिया था। इस आदेश के आधार पर मुंबई बीजेपी ने ओवैसी के खिलाफ राज्य चुनाव आयोग में शिकायत की है। 

ओवैसी ने रविवार को दक्षिण मुंबई के मदनपुरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुंबई में मुस्लिमों की आबादी 21 फीसदी है, इसलिए उन पर कम से कम 7,770 करोड़ रुपये खर्च किए जाने चाहिए।
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'भाजपा ने धर्म आधारित बजट के बयान को भड़काऊ करार दिया'

बीएमसी का वार्षिक बजट 37,000 करोड़ रुपये है। लेकिन, मुस्लिमों को उनका हक नहीं मिल रहा है। उनकी अनदेखी की जा रही है। ओवैसी ने वादा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो मुस्लिमों के लिए फंड रखा जाएगा। ओवैसी का यह वादा बीएमसी में शिवसेना के साथ सत्तासीन बीजेपी को नागवार गुजरा है।

भाजपा ने धर्म आधारित बजट के बयान को भड़काऊ करार दिया है। इसको लेकर मुंबई बीजेपी के महामंत्री सुमंत घैसास ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। वहीं, मुंबई भाजपा अध्यक्ष आशीष शेलार ने कहा है कि हमें किसी भी कीमत पर जाति या धर्म आधारित बजट आवंटन मंजूर नहीं है। बता दें कि अभी हाल में हुए नगरपालिका चुनाव में एमआईएम को 40 सीटों पर कामयाबी मिली थी। इसके बाद पार्टी बीएमसी चुनाव जीतने की तैयारी कर रही है।
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