आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलिमीन (एमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने धर्म के आधार पर वोट मांग कर मुंबई की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। एशिया के वैभवशाली नगर निकाय मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव में पहली बार ताल ठोकने जा रही एमआईएम के चीफ ओवैसी ने मुंबई में कहा है कि अगर उनकी पार्टी बीएमसी चुनाव जीतती है तो कुल बजट का 21 फीसदी हिस्सा मुस्लिमों के लिए खर्च किया जाएगा।
ओवैसी का यह बयान सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का उल्लंघन है जिसमें सात जजों की संवैधानिक पीठ ने धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के आधार पर वोट मांगना गैरकानूनी करार दिया था। इस आदेश के आधार पर मुंबई बीजेपी ने ओवैसी के खिलाफ राज्य चुनाव आयोग में शिकायत की है।
ओवैसी ने रविवार को दक्षिण मुंबई के मदनपुरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि मुंबई में मुस्लिमों की आबादी 21 फीसदी है, इसलिए उन पर कम से कम 7,770 करोड़ रुपये खर्च किए जाने चाहिए।