एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मुस्लिमों की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान पर उन्हें घेरा है। ओवैसी ने बुधवार को कहा, राहुल गांधी का जवाब अनुचित है। आपसे भारतीय मुसलमानों पर एक सवाल पूछा गया और आप दलित और सिख की बात करते हैं। ओवैसी ने कांग्रेस सरकार के दौरान मुसलमानों के खिलाफ हुई हिंसा की विभिन्न घटनाओं का भी जिक्र किया।
बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में अपने संबोधन के दौरान भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल ने कहा कि मोदी सरकार के कुछ कार्यों का प्रभाव अल्पसंख्यकों, दलित और आदिवासी समुदाय के लोगों द्वारा महसूस किया जा रहा है। उन्होंने कहा, आज भारत में मुसलमानों के साथ जो हो रहा है, वह 1980 के दशक में दलितों के साथ हुआ था।
इन घटनाओं का किया जिक्र
ओवैसी ने कहा कि राहुल को बताना चाहिए था कि उनकी सरकार के दौरान ही मुसलमानों के खिलाफ कई घटनाएं हुई हैं। उन्हें अशोक गहलोत (राजस्थान के मुख्यमंत्री) को यह सिखाना चाहिए। राहुल गांधी को यह भी बताना चाहिए था कि कैसे जुनैद और नासिर को राजस्थान में (फरवरी में दक्षिणपंथी समूहों द्वारा कथित रूप से) मार दिया गया था। छत्तीसगढ़ में उनकी सरकार है और धर्म संसद होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2019 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) में संशोधन पर भाजपा सरकार का समर्थन किया था, जिसके कारण आज जेलों में बहुसंख्यक मुस्लिम, दलित और वे लोग हैं जो शासन के विरोधी हैं।
धर्मनिरपेक्षता की वजह से भारतीय मुस्लिमों को खत्म करने का लगाया आरोप
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा मैं शुरू से ही कह रहा हूं कि राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता के माध्यम से भारतीय मुसलमानों को खत्म कर दिया गया। राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता के कारण, भारतीय मुसलमानों का सशक्तिकरण नहीं हुआ। विधानसभा और संसद में मुस्लिम प्रतिनिधित्व को समाप्त करने के लिए राजनीतिक धर्मनिरपेक्षता का इस्तेमाल किया गया। मैं इसके खिलाफ हूं और रहूंगा।"