यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बूचड़खानों की बंदी को लेकर उठाए गए कदम से केंद्र सरकार असहमत नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में योगी सरकार के साथ उसकी मतभिन्नता नहीं है। संसद में योगी सरकार के कदम का बचाव करते हुए केंद्रीय वाणिज्य राज्य मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा है कि चाहे मांस का मामला हो या कुछ और। हम नहीं चाहते की कुछ भी अवैध तरीके से चले।
उन्होंने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री ने भी साफ कहा है कि केवल अवैध बूचड़खाने ही बंद किए जाएंगे, यहां हमारी मतभिन्नता नहीं है। दूसरी ओर उन्होंने भैंस मांस निर्यात बैन करने के सवाल पर कुछ नहीं बोला। बल्कि निर्मला ने कहा कि चीन के साथ भैंस मांस निर्यात में आ रही अवरोधों को दूर करने के लिए सरकार बातचीत कर रही है। जल्द ही सकारात्मक परिणाम आएंगे, चीन के बाजारों में केवल भारत से भैंस मांस ही नहीं अन्य वस्तुएं भी पहुंच बनाएंगी। उन्होंने यह सारी बातें हैदराबाद से सांसद अससुद्दीन औवैसी के सवालों के जवाब में कहा।
लोकसभा में प्रश्र काल के दौरान ओवैसी ने भैंस मांस के निर्यात में आ रही गिरावट का हवाला देते हुए यूपी में चल रहे बूचडखानों की बंदी पर भी सवाल दागा था। ओवैसी ने कहा कि सरकार ने स्वीकार किया है कि भैंस मांस के निर्यात में 8.87 प्रतिशत की गिरावट आई है। देश से 26,684.22 करोड़ रूपए का भैंस का मांस निर्यात होता है। वह भी केवल 60 अलग-अलग निर्यात इकाइयों के जरिए। जिसमें से 30 मांस निर्यात इकाइयां यूपी से हैं।
उनमे से भी अब कइयों को बंद किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से पूछा की भैंस मांस निर्यात को बैन करने का उसका इरादा है क्या अन्यथा वह भैंस मांस निर्यात को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठा रही है। चीन के साथ भैंस मांस निर्यात में कठीनाई आ रही है। उसके लिए सरकार क्या कदम उठा रही है। इसके साथ ही ओवैसी ने कहा कि उत्तरप्रदेश में जिस तरह का माहौल है उससे भैंस मांस निर्यात पर असर पडेगा। प्रदेश सरकार के कदम को सरकार किस नजर से देख रही है।