गैर कानूनी ढंग से भारत में रह रहे अवैध आप्रवासियों के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सख्ती दिखाई है। सीमा पर बढ़ती घुसपैठ और आतंकवादियों की ओर से सुरक्षा में दी जा रही दखल के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिए हैं कि अवैध रुप से रह रहे आप्रवासियों का पता लगाकर उन्हें वहां से हटाने के लिए कार्रवाई की जाये।
राज्यों से कहा गया है कि रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय के अवैध आप्रवासियों द्वारा भारतीय नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है साथ ही वे सुरक्षा व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे हैं। इसलिए केंद्र ने सख्ती दिखाते हुए ऐसे रोहंग्या के साथ-साथ अन्य आप्रवासियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
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गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि, पिछले कुछ दशकों में आतंकवाद का उदय, अधिकांश राष्ट्रों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। क्योंकि अवैध प्रवासियों को आतंकवादी संगठनों द्वारा भर्ती करने में आसानी होती है।
हाल के वर्षों में म्यांमार के राखीन राज्य से भारतीय क्षेत्र में रोहिंग्या समुदाय के लोगों ने बड़ी मात्रा में घुसपैठ की है। इन वजहों से देश के सीमित संसाधनों पर बोझ पड़ने के अलावा देश को सुरक्षा चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है।
गृह मंत्रालय ने कहा, पड़ोसी देशों में राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल सहित कई कारणों से ऐसे देशों के लोग अक्सर भारत में प्रवेश करते हैं। इनके साथ कई सांस्कृतिक और जातीय समानताएं होती हैं, ऐसे में इन आप्रवासीय लोगों पर किसी का ध्यान नहीं जा पाता है और वे भारतीय क्षेत्र में बस जाते हैं। गृह मंत्रालय ने राज्य सरकारों से कहा है कि, वे अवैध आप्रवासियों को पहचानने और उन्हें हटाने के लिए जिला स्तर पर एक टास्क फोर्स का गठन करें।