Rajya Sabha: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 31 जनवरी 2025 तक 8.5 करोड़ से अधिक लोगों ने उपचार का लाभ उठाया है, जिसमें सरकारी और निजी अस्पतालों का योगदान है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) के तहत 31 जनवरी 2025 तक 8.5 करोड़ से अधिक लोगों का उपचार का लाभ उठाया। नड्डा के मुताबिक, इसमें से करीब 4.2 करोड़ लोगों का सरकारी अस्पतालों और 4.3 करोड़ लोगों का निजी अस्पतालों में उपचार किया गया। उन्होंने यह जानकारी राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में दी।
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नड्डा ने बताया कि पूरे देश के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने इस योजना को लागू किया है, केवल पश्चिम बंगाल और दिल्ली में इसे लागू नहीं किया गया है। आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सरकार की प्रमुख योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर 40 फीसदी भारतीयों के लिए 12.37 करोड़ परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर देती है। इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने के लिए द्वितीयक और तृतीयक देखभाल प्रदान की जाती है।
हाल ही में इस योजना का विस्तार किया गया है। इसमें 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के छह करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को भी शामिल किया गया है, जो 4.5 करोड़ परिवारों से संबंधित हैं और उन्हें 'वय वंदना कार्ड'के जरिए एबी-पीएमजेएवाई का लाभ प्रदान किया जाएगा।
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इस योजना के तहत अस्पतालों में भर्ती होने की सेवाएं सरकारी और निजी अस्पताओं द्वारा द्वितीयक और तृतीयक स्तर पर प्रदान की जाती हैं। इस योजना को देशभर के त्रिस्तरीय मॉडल के तहत लागू किया जाता है- राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए), राज्य स्वास्थ्य एजेंसियां (एसएचए) और जिला कार्यान्वयन इकाइयां (डीआईयू)।राज्य स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकारों ने एसएचए की स्थापना की है, जो एबी-पीएमजेएवाई के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करती है।
मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार योजना को लागू करने की पूरी आजादी दी गई है। अभी 25 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस योजना को ट्रस्ट मोड, सात राज्य बीमा मोड और दो राज्य हाइब्रिड मोड में लागू कर रहे हैं।