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Earthquake: 'हम सो रहे थे, अचानक धरती कांपने लगी', बंगाल-बिहार समेत कई राज्यों में महसूस हुए भूकंप के झटके

Fri, 28 Feb 2025 09:20 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता/पटना/नई दिल्ली

सार

नेपाल में काठमांडू के पास गुरुवार देर रात एक के बाद एक भूकंप के दो तेज झटके महसूस किए गए। दो में से एक झटका शुक्रवार तड़के आया। शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 मापी गई। इससे पहले रात दो बजकर 36 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई। भूकंप से जान-माल का किसी प्रकार का नुकसान होने की तत्काल कोई खबर नहीं मिली है।
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Nepal Earthquake - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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नेपाल में गुरुवार को देर रात भूकंप के कई झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.1 और 5.5 मापी गई। भूकंप के झटके बिहार, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में महसूस किए गए। बंगाल में सबसे तेज झटके सिलीगुड़ी में महसूस किए गए। यहां रहने वाले तरुण चौधरी ने बताया कि मैं सो रहा था, मेरी पत्नी ने मुझे जगाया। हमें झटके महसूस हुए। हमने अपने बच्चों को जगाया। हम सभी डर गए थे। हमने देखा कि कॉलोनी में सभी लोग जाग गए थे। कल रात कोई नुकसान नहीं हुआ, मैं अब फिर से जांच करूंगा। एक अन्य स्थानीय शख्स अभिमान रॉय ने बताया कि मैंने देर रात भूकंप के झटके महसूस किए। हम थोड़े डरे हुए थे, लेकिन अब कोई समस्या नहीं है। कोई नुकसान नहीं हुआ।

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इससे पहले नेपाल में काठमांडू के पास गुरुवार देर रात एक के बाद एक भूकंप के दो तेज झटके महसूस किए गए। दो में से एक झटका शुक्रवार तड़के आया। शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 मापी गई। इससे पहले रात दो बजकर 36 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई। भूकंप से जान-माल का किसी प्रकार का नुकसान होने की तत्काल कोई खबर नहीं मिली है।

राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र के अनुसार, काठमांडू से 65 किलोमीटर पूर्व में सिंधुपालचौक जिले में कोडारी राजमार्ग पर तड़के तीन बजकर 51 मिनट पर भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 दर्ज की गई। भूकंप काठमांडू घाटी और उसके आसपास महसूस किया गया।
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भूकंप के झटके - फोटो : अमर उजाला
भूकंप के दौरान क्या करें?
भूकंप के दौरान जितना संभव हो उतना सुरक्षित रहें। इस बात के प्रति सतर्क रहें कि कौन-से भूकंप वास्तव में इसकी पूर्व-चेतावनी देने वाले भूकंप के झटके होते हैं और बाद में बड़ा भूकंप भी आ सकता है। धीरे-धीरे कुछ कदमों तक सीमित हलचल करें जिससे पास में किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंच सकें और भूकंप के झटकों के रुकने पर घर में तब तक रहें जब तक कि आपको यह सुनिश्चित हो जाएं कि बाहर निकलना सुरक्षित है।

यदि आप घर के अंदर हों

  • आप यदि घर के अंदर हों तो जमीन पर झुक जाएं, किसी मजबूत मेज अथवा फर्नीचर के किसी हिस्से के नीचे शरण लें या तब तक मजबूती से पकड़कर बैठे रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। यदि आपके पास कोई मेज या डेस्क न हो तो अपने चेहरे तथा सिर को अपने बाजुओं से ढक लें और बिल्डिंग के किसी कोने में झुक कर बैठ जाएं।
  • किसी आंतरिक दरवाजे के लेंटर, किसी कमरे के कोने में, किसी मेज या यहां तक कि किसी पलंग के नीचे रुककर अपने आपको बचाएं।
  • सीसे, खिड़कियों, दरवाजों तथा दीवारों से दूर रहें या ऐसी कोई चीज जो गिर सकती हो (जैसे लाइटिंग फिक्सचर्स या फर्नीचर), से दूर रहें।
यदि आप घर के बाहर हों
  • यदि आप घर के बाहर हों तो जहां हों वहां से आप न हिलें। इसके साथ ही बिल्डिंग, पेड़ों, स्ट्रीट लाइटों तथा बिजली/टेलीफोन आदि की तारों आदि से दूर रहें।
  • यदि आप किसी खुली जगह पर हों तो वहां तब तक रुके रहें जब तक कि भूकंप के झटके न रुक जाएं। सबसे बड़ा खतरा बिल्डिंग के बाहर, निकास द्वारों तथा इसकी बाहरी दीवारों के पास होता है। भूकंप से संबंधित अधिकांश दुर्घटनाएं दीवारों के गिरने, टूटकर गिरने वाले कांच तथा गिरने वाली वस्तुओं के कारण होती हैं।  
यदि किसी चलते वाहन में हों
  • जितनी जल्दी संभव हो सुरक्षा के साथ गाड़ी रोकें तथा गाड़ी में रुके रहें। बिल्डिंग, पेड़ों, ओवरपास, बिजली/टेलीफोन आदि की तारों के पास या नीचे रुकने से बचें।
  • सावधानी से भूकंप के रुकने के बाद आगे बढ़ें अथवा सड़कों, पुलों, रैम्प से बचें जो भूकंप द्वारा क्षतिग्रस्त हुए हो सकते हैं।
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