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PMMVY: पीएम मातृ वंदना योजना के तहत चार करोड़ से अधिक महिलाओं को मिला लाभ, अब तक ₹19,028 करोड़ की राशि वितरित

Mon, 04 Aug 2025 04:48 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत देशभर में 4 करोड़ से अधिक महिलाओं को कम से कम एक किस्त का लाभ मिला है। सरकार अब तक ₹19,028 करोड़ की राशि वितरित कर चुकी है। महिला और बाल विकास मंत्रालय ने इसे मातृ और बाल स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बताया।

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प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने सोमवार को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत महिलाओं को मिलने वाली लाभ की बात पर जोर दिया। इसके तहत महिला और बाल विकास मंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत अब तक देशभर में चार करोड़ से ज्यादा महिलाओं को कम से कम एक किस्त का लाभ मिल चुका है। योजना के तहत अब तक ₹19,028 करोड़ से अधिक की राशि महिलाओं को दी जा चुकी है। मंत्रालय ने इसे सरकार की मातृ और बाल स्वास्थ्य के प्रति लगातार प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया है। इसके साथ ही योजना के तहत एक विशेष पंजीकरण अभियान को 15 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है।

डोर-टू-डोर अभियान जारी

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इस समय देशभर में आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर गर्भवती और स्तनपान कराने वाली योग्य महिलाओं का पंजीकरण किया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि यह अभियान सिर्फ आर्थिक लाभ देने के लिए नहीं है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए भी है।

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क्या है पीएमएमवीवाई योजना?
बता दें कि पीएमएमवीवाई मिशन शक्ति के 'समर्थ्य' उप-योजना के तहत चल रही एक केंद्र प्रायोजित योजना है। इसके तहत पहली बार मां बनने पर महिलाओं को ₹5,000 की नकद सहायता दो किस्तों में मिलती है। वहीं दूसरी संतान अगर बेटी हो, तो ₹6,000 की राशि एक किस्त में दी जाती है।

तकनीक से पारदर्शिता और सुविधा
मार्च 2023 में लॉन्च हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पीएमएमवीवाई सॉफ्ट के जरिये योजना को पूरी तरह ऑनलाइन किया गया है। इसमें आधार आधारित सत्यापन और एनपीसीआई वेरिफिकेशन के माध्यम से लाभार्थी के खाते में सीधा पैसा ट्रांसफर किया जाता है।

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नई प्रणाली में शिकायत निवारण के लिए कई सुविधाएं
गौरतलब है कि नई प्रणाली में शिकायत निवारण के लिए एकीकृत मॉड्यूल, कई भाषाओं में टोल-फ्री हेल्पलाइन (14408), चेहरा पहचानने वाली तकनीक और संभावित लाभार्थियों की पहचान के लिए ऑटोमैटिक सूची जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इसको लेकर मंत्रालय ने बताया कि इस योजना की सफलता राज्य अधिकारियों और फील्ड वर्कर्स के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। सरकार माताओं के पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए इस योजना को और मजबूत करती रहेगी।

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