केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 22 जनवरी को होने वाले राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अयोध्या हवाई अड्डे के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 150 से कमांडो की तैनाती की मंजूरी दी है। गृह मंत्रालय ने एक डिप्टी कमांडेंट रैंक अधिकारी की कमान के तहत इन कमांडो की सशस्त्र टुकड़ी को मंजूरी दे दी है।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को कहा कि महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्याधाम केंद्रीय बल के विशेष विमानन सुरक्षा समूह (एएसजी) के कवर में आने वाला देश का 68वां नागरिक हवाई अड्डा टर्मिनल है। सीआईएसएफ अयोध्या हवाई अड्डे को आतंकवाद और अन्य खतरों से रक्षा करेगी। इस नवनिर्मित हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में किया था। उन्होंने कहा कि दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों की तरह सीआईएसएफ अयोध्या आने वाले हवाई यात्रियों और उनके सामान की जांच करेगा और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करेगा।
पहले से चर्चा थी कि तीर्थयात्रियों और आगंतुकों के लिए खतरे की आशंका को देखते हुए पवित्र अयोध्या शहर में नए हवाई अड्डे की सुरक्षा सीआईएसएफ द्वारा की जाएगी। केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की समीक्षा में हवाई अड्डे के लिए सीआईएसएफ द्वारा प्रदान किए गए पेशेवर सुरक्षा कवर की सिफारिश की गई थी।
नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में कहा था कि अयोध्या हवाई अड्डे की क्षमता धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी। पहले चरण में 65,000 वर्ग फुट में हवाई अड्डे का विस्तार किया जा रहा है। इसकी क्षमता हर घंटे दो से तीन उड़ानें संभालने की होगी। 2,200 मीटर लंबा रनवे बनाने का काम चल रहा है। इससे बोइंग 737 और एयरबस 319 और 320 विमान इस हवाई अड्डे पर उतर सकेंगे।
सिंधिया ने संवाददाताओं से कहा था कि हवाई अड्डे के दूसरे चरण विकास के लिए जल्द कैबिनेट से मंजूरी ली जाएगी। दूसरे चरण में, रनवे की लंबाई 2,200 मीटर से बढ़ाकर 3,700 मीटर की जाएगी। इससे रनवे की लंबाई लगभग चार किलोमीटर हो जाएगी, ताकि बोइंग 787 और बोइंग 777 जैसे अंतरराष्ट्रीय विमान अयोध्या में उतर सकें। दूसरा चरण के विकास के बाद हवाईअड्डे का क्षेत्र 50,000 वर्ग मीटर हो जाएगा।