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कोरोना का बड़े से छोटे शहरों में बढ़ा प्रकोप, 25 जिलों में सबसे ज्यादा मौतें

Sun, 04 Oct 2020 07:45 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें देश के 25 जिलों में दर्ज की जा रही हैं। इन जिलों में मृत्यु दर 4 फीसदी तक देखने को मिल रही है। वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा एक लाख के पार चला गया है। मौजूदा समय में देश के 733 में से 25 जिले ऐसे हैं। जहां सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं जबकि देश में 40 फीसदी से भी ज्यादा मौतें 40 जिलों में दर्ज की गई है। देश में हुई कुल मौतों में से 37 फीसदी मौतें अकेले महाराष्ट्र में हुई हैं। वहीं बिहार और उत्तर प्रदेश में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा तुलनात्मक तौर पर काम है।

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एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि संक्रमण दिल्ली, मुंबई, चेन्नई जैसे महानगरों से शहरों की ओर बढ़ चला है। हालांकि अगर पूरे देश की स्थिति देखें तो बहुत कुछ नियंत्रण में दिखाई देता है लेकिन छोटे से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। महानगरों की तुलना में छोटे शहरों में घनी आबादी नया होने की वजह से ज्यादा तीव्र गति से प्रचार नहीं हो रहा।

देश के 584 जिले जो ज्यादातर ग्रामीण या पूरी तरह से ग्रामीण घोषित किए गए हैं। वहां कोरोना वायरस से कुल 49 फ़ीसदी मामले हैं और 38 फीसदी मौतें हुई हैं। वहीं देश के पूर्ण तरीके से शहरी और ज्यादातर शहरी इलाकों में  कोरोना 36 फीसदी मामले हैं। लेकिन मौत का आंकड़ा 45 फीसदी है।
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लखनऊ, कानपुर ज्यादा प्रभावित
जानकारी के अनुसार, मुंबई, पुणे, ठाणे, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु शहरी, नागपुर, अहमदाबाद, कोलकाता, कोल्हापुर नासिक, जलगांव, रायगढ़, सांगली, सोलापुर, सतारा औरंगाबाद, मैसूर, सूरत, लुधियाना, लखनऊ, अहमदाबाद और कानपुर जिले में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई हैं। 25 में से 13 जिले महाराष्ट्र राज्य के हैं। डाटा विशेषज्ञ पूर्व प्रोफेसर रिजो एम जॉन का कहना है कि जिन 25 जिलों में सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की गई है, वहां कोरोना वायरस की मृत्यु दर 1.3 से लेकर 4.3 फीसदी तक दर्ज की गई है।
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