मुंबई के 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) कमांडर का मुख्य नेता जकी-उर रहमान लखवी 2015 में लाहौर हाईकोर्ट से जमानत मिलने के तीन साल बाद फिर से लोगों के सामने आ गया है। वह पंजाब प्रांत में आतंकी गतिविधियों के लिए कथित तौर पर गेहूं किसानों से चंदा इकट्ठा कर रहा है। भारतीय जांच एजेंसियों को मिल रही जानकारी के अनुसार भारत में मोस्ट वांटेड आतंकी लखवी अप्रैल 2015 में रावलपिंडी की अडियाला जेल से बाहर आने के बाद लोगों की नजरों से बचकर आतंकी संगठन की कमान संभाले हुए है।
सूत्रों ने बताया कि
लखवी फरवरी 2018 में फिर नजर आया और गेहूं की कटाई के मौसम में सक्रिय रूप से पंजाब के किसानों से चंदा जमा कर रहा है। एलईटी विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लगातार पैसा जमा कर रहा है। उसकी लिस्ट में नए दानदाताओं के नाम जुड़े हैं जबकि उस पर आंतकवाद पर नजर रखने वाले वैश्विक संगठन फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की तलवार लटक रही है। इस साल फरवरी में एफएटीएफ ने कहा था कि वह जून तक आतंकी संगठनों पर नकेल कसने में नाकाम रहने पर पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाल दिया जाएगा।
एलईटी प्रमुख
हाफिज सईद पाकिस्तान में लगातार रैली के जरिए लोगों को संबोधित कर रहा है और वह जमात-उद दावा की राजनीतिक पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग के जरिए राजनीति में उतरना चाहता है। वह इस साल अपने देश में होने वाले चुनाव में हिस्सा ले रहा है।
एलईटी ने कश्मीर को केंद्र में रखकर एक पत्रिका शुरू की है। 20 पेजों की इस पत्रिका के जरिए कश्मीरियों को आतंकी संगठन से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस पत्रिका में इस बात पर जोर डाला गया है कि भारत के 'ऑपरेशन ऑल आउट' को कश्मीर में झटका मिल रहा है क्योंकि कश्मीर से बड़ी संख्या में युवा आतंकी संगठन में शामिल हो रहे हैं।