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किडनी डोनेट करने में भी लिंग पक्षपात, 80 फीसदी महिलाएं बचाती हैं पुरुषों की जान

Wed, 20 Jun 2018 01:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी डोनेशन के आंकड़े से एक हैरान करने वाली बात पता चली। आंकड़ों के मुताबिक कुल किडनी डोनेट करने वालों में 70-80 फीसदी महिलाएं हैं जिनमें 50 फीसदी पत्नी, 20 फीसदी माताएं और 10 फीसदी बहनें हैं। किडनी डोनेट करने के मामले में पुरुष महिलाओं से काफी पीछे हैं।

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गुरु नानक देव अस्पताल के मेडिकल अधीक्षक डॉक्टर परमिंदर सिंह का कहना है कि पंजाब में किडनी डोनेट करने के हर साल 170 से अधिक मामले आते हैं। वहीं इस साल ऐसे 87 मामले रिपोर्ट किए गए हैं। किडनी डोनेशन के मामलों में भी लिंग पक्षपात साफ तौर पर दिखाई देता है। जब घर में किसी पुरुष को किडनी की आवश्यकता होती है तो उसे घर के पुरुष नहीं बल्कि महिला किडनी देती हैं। ऐसा अधिकतर मामलों में देखा गया है।

इन तीन मामलों में भी ऐसा ही हुआ

किडनी डोनेट कर बचाई एक दूसरे के पति की जान

पंजाब  की बात करें तो यहां किडनी डोनेट करने के मामलों में ये देखा गया है कि यदि किसी महिला के पति को किडनी की आवश्यकता है और उसका ब्लड ग्रुप अपने पति से मैच नहीं होता तो ऐसे में वह किसी अन्य पुरुष को किडनी देती है। वहीं जिसे वह किडनी देती है उसकी पत्नी बदले में उसके पति को किडनी देती है। बता दें ऐसा उसी अवस्था में किया जाता है जब डोनर का ब्लड ग्रुप मरीज के ब्लड ग्रुप से मैच हो रहा हो। राज्य में इस प्रकार के मामलों में 5 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।

जब कोई मदद के लिए सामने नहीं आया तो मां ने दी किडनी

ऐसा ही कुछ पंजाब के मुकेरिया में रहने वाले 22 साल के साहुल राणा के साथ भी हुआ। सभी तरह की कोशिशों के बाद भी कोई साहुल को किडनी देने को राजी नहीं हो रहा था। फिर आखिर में उसकी मां सामने आई और अपने बेटे को किडनी देकर उसकी जान बचा ली।

शादीशुदा बहन ने बचाई भाई की जान

30 साल के जगप्रीत सिंह को उनकी चार बहनों में से सबसे बड़ी बहन रमदीप कौर (42) ने किडनी देकर एक नया जीवन दिया। इस पर रमदीप के पति ने कहा कि जगप्रीत उनके लिए उनकी पत्नी का भाई नहीं बल्कि उनका बेटा है।
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किडनी डोनेट करने से नहीं होती कोई कमजोरी

गुरु नानक देव अस्पताल के डॉक्टर सुरेंद्र पाल का कहना है कि किडनी डोनेट करने के बाद डोनर को किसी प्रकार की शारीरिक कमजोरी का अनुभव नहीं होता है। उन्होंने कहा कि यह तथ्य भी सही नहीं है कि किडनी डोनेट करने के बाद पुरुष बच्चे पैदा नहीं कर सकते।

साथ ही यह भी एक तरह की गलतफहमी है कि किडनी डोनेट करने के बाद महिलाएं गर्भवती नहीं हो सकतीं। उन्होंने कहा कि किडनी डोनेट करने के बाद जिंदगी पहले की तरह ही सामान्य हो जाती है। किडनी डोनट करने से व्यक्ति को भविष्य में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आती है। 
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