कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने गुरुवार को संसद भवन में हुए हंगामे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की महिला सांसदों को संसद में प्रवेश करने से रोका गया और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। तिवारी ने आज पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा को लोकतंत्र और संविधान पर भरोसा नहीं है। हाल की घटनाएं, खासकर संसद सत्र में जो हुआ, यह दिखाता है कि (नरेंद्र) मोदी सरकार तानाशाही का जीता जाता उदाहरण है।
हमारी महिला सांसदों को प्रवेश से रोका: प्रमोद तिवारी
उन्होंने कहा, लोकतांत्रिक इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि भाजपा सरकार ने पहले सप्ताह में ही संसद को काम नहीं करने दिया। कल संसद में हुए हंगामे को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा, संसद को घेर लिया गया था, प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया था। हमारी महिला सांसद एक कतार में चल रही थीं, उनको संसद में प्रवेश करने से रोका गया और उन्हें धक्का दिया गया। हमारे 83 वर्षीय नेता मल्लिकार्जुन खरगे को भी धक्का दिया गया।
राहुल गांधी का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण: अनुराग ठाकुर
इस बीच, कई भाजपा सांसदों ने आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर संसद में हुए हंगामे के दौरान उनके आचरण पर सवाल उठाया। भाजपा ने राहुल गांधी पर अहंकार, संसदीय नियमों का उल्लंघन और सांसदों के प्रति शर्मनाक व्यवहार का आरोप लगाया। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, राहुल गांधी का अहंकार जो कल देखा गया और अपने साथी सांसदों के प्रति उनका जो व्यवहार था, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जिस तरह उन्होंने सारे नियमों का उल्लंघन करते हुए हंगामा किया और तय रास्ते पर जाने के बजाय जानबूझकर अपने समर्थकों को साथ ले आए और हंगामा किया... यह माफी के लिए लायक नहीं है। क्या एक विपक्ष का नेता इस सोच के साथ आ सकता है?
ठाकुर ने आगे कहा, जब उन्हें (राहुल गांधी) घायलों के पास ले जाया गया, तो उनका हाल पूछने या माफी मांगने के बजाय उनके चेहर पर अंहकार नजर आया.. उनका कहना था कि धक्का-मुक्की होती रहती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि उनकी यह सोच है कि आप किसी के साथ कुछ भी कर सकते हो और हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।
सुरक्षा कर्मियों की चेतावनी को नजरअंदाज किया: बांसुरी स्वराज
वहीं, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने भी राहुल गांधी पर सुरक्षा कर्मियों के बार-बार चेतावनी के बावजूद न सुनने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन इंडिया के सभी सदस्य इस बात को भूल गए हैं कि जनप्रतिनिधि लोकतंत्र के सबसे बड़े रक्षक होते हैं। सुरक्षा कर्मियों ने बार-बार उन्हें वैकल्पिक मार्ग अपनाने के लिए कहा, लेकिन वह जानबूझकर और दुर्भावनापूर्वक हमारे सांसदों को धक्का देते हुए वहां से गुजरे।
एनसीडब्ल्यू ने जताई चिंता
इस घटना के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महिला सांसदों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। आयोग ने कहा कि संसद में हुई घटना एक गलत उदाहरण पेश करती है और महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न को सामान्य बनाने का काम करती है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से इस मामले में कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
नगालैंड की महिला सांसद ने लगाया आरोप
संसद में हुई झड़प के दौरान नगालैंड से भाजपा सांसद फांगनोन कोन्याक ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर अनुचित व्यवहार करने का आरोप लगाया। इसके बाद महिला संसदों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं और इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के के बीच तीखी नोकझोंक चल रही है।
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