पूर्वांचल में किसानों की नब्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उंगलियां बराबर बनी हुई हैं। यही वजह है कि पूर्वांचल की सभी सभाओं में जगह, तारीख और मंच भले बदले लेकिन पीएम की तकरीर के केंद्र में किसान ही रहे।
रविवार को कसया की सभा में पीएम ने नोटबंदी के फायदे गिनाते हुए उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाने की पुरजोर कोशिश की कि उनकी लड़ाई किसानों, गरीबों के हक के लिए ही है। काले धन के खिलाफ की गई कार्रवाई का सीधा लाभ उन्हें ही मिलेगा।
जो कालाधन अमीरों के पास था वह अब गरीबों के विकास में खर्च होगा। अब किसान व शोषित वर्ग के बच्चे भी अच्छे स्कूलों में पढ़ सकेंगे। घर में बिजली पहुंचेगी और खेतों में पानी और खाद। करीब 40 मिनट के संबोधन में आधे समय तक मोदी किसानों को ही सहेजते रहे।
भारत को कृषि प्रधान देश बताते हुए उन्होंने किसानों को देश का रीढ़ बताया। बड़े नोट पर लगी रोक से सर्वाधिक परेशानी ग्रामीण इलाकों में देख पोस्टर के जरिए नए एप के इस्तेमाल से प्लास्टिक मनी का अभ्यास बढ़ाने का आह्वान भी किया।