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'दूसरों की भी मां होती है': पीएम मोदी के वीडियो संदेश के बाद राज ठाकरे ने BJP पर साधा निशाना; क्या आरोप लगाए?

Sat, 01 Aug 2026 04:34 PM IST
निर्मल कांत आईएएनएस, मुंबई।

सार

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया दी है। राज ठाकरे ने पीएम मोदी का समर्थन करते हुए कहा कि उनके खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल गलत है। लेकिन उनकी पार्टी के नेताओं और समर्थकों को भी भाषा की मर्यादा रखनी चाहिए। राज ठाकरे ने ट्रोल संस्कृति, युवाओं और जेन-जी को लेकर क्या कहा, पढ़िए रिपोर्ट-
 
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राज ठाकरे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को कहा कि हाल के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा अपमानजनक थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को अपनी पार्टी के नेताओं और समर्थकों को भी ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करने से रोकने की सलाह देनी चाहिए।
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राज ठाकरे मुंबई में महाराष्ट्र नवनिर्माण विद्यार्थी सेना (एमएनवीएस) के 20वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही नियम सभी राजनीतिक दलों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

ठाकरे ने कहा, जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह गलत था। हम इससे सहमत हैं। मैं 100 फीसदी मानता हूं कि किसी के खिलाफ इस तरह की घटिया भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। मैं प्रधानमंत्री से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि अपनी पार्टी के लोगों को भी यह बात समझाएं। 
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पीएम मोदी ने वीडियो संदेश में क्या कहा था?
उनका यह बयान प्रधानमंत्री मोदी की ओर से शुक्रवार रात इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो के बाद आया है। इस वीडियो में प्रधानमंत्री ने जंतर-मंतर पर उनके और उनकी मां के खिलाफ इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि वह इसमें शामिल युवाओं को माफ करते हैं। उन्होंने यह भी अपील की कि छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न की जाए।

राज ठाकरे ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया?
  • पिछले 10 वर्षों की राजनीतिक संस्कृति पर सवाल उठाते हुए मनसे प्रमुख ने भाजपा पर आक्रामक ऑनलाइन ट्रोलिंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
  • ठाकरे ने कहा, आपकी ट्रोल टीम महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर हम सभी के खिलाफ जिस भाषा का इस्तेमाल करती है, उसे देखिए। महाराष्ट्र के कई कलाकार बोलने से डरते हैं। हर राज्य में ऐसी टीमें बनाई गई हैं। उनसे भी कहिए कि लोगों को अपशब्द न कहें। 
  • उन्होंने आगे कहा, ट्रोल की यह संस्कृति पिछले 12 वर्षों में शुरू हुई है। जैसा बोया है, वैसा ही काटना पड़ता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनके और उनकी मां के खिलाफ अपशब्द कहे गए, जो निश्चित तौर पर गलत है। लेकिन मेरा प्रधानमंत्री से अनुरोध है कि दूसरों की भी मां होती है। आपको अपनी पार्टी के नेताओं को भी सीमाएं बनाए रखने के लिए कहना चाहिए।
  • उन्होंने कहा, आप कहते हैं कि आपने जंतर-मंतर वाले युवाओं को माफ कर दिया। लेकिन पिछले 12 वर्षों से आपके लोगों की ओर से जो किया जा रहा है, उसके लिए माफी कौन मांगेगा? 


जेन-जी को समझने की दी सलाह
युवाओं के मुद्दों पर बात करते हुए राज ठाकरे ने अपनी छात्र इकाई से बदलते समय के साथ खुद को बदलने और आज की पीढ़ी की जरूरतों को समझने की अपील की।

ये भी पढ़ें: कांग्रेस का पीएम मोदी पर हमला: 'विक्टिम कार्ड' खेलने का लगाया आरोप; किन मुद्दों पर माफी की मांग की?

उन्होंने कहा, जब मैं छात्र था, तब मुद्दे अलग थे। आज के विषय और आज के युवा अलग हैं। हमने टेलीग्राम से इंस्टाग्राम तक का दौर देखा है। हमें समझना होगा कि यह जेनरेशन जेड क्या चाहती है। महाराष्ट्र के गांवों में भी जेन जी मौजूद हैं। उनकी उम्मीदों को समझना जरूरी है और मनसे की छात्र इकाई को इस दिशा में काम करना चाहिए। 

चंद्रकांत पाटिल पर भी निशाना साधते हुए क्या कहा?
राज ठाकरे ने दिल्ली में पत्थरबाजी की घटनाओं की जांच को लेकर महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल के हालिया बयानों पर भी निशाना साधा। मंत्री पर तंज कसते हुए ठाकरे ने कहा, बचपन में हमारे माता-पिता कहते थे कि सोने से पहले सिर पर तेल लगाओ, इससे बुद्धि तेज होती है। एक व्यक्ति ने पूरी जिंदगी अपने बालों में तेल लगाया, लेकिन फिर भी उसमें बुद्धि नहीं आई।

उन्होंने कहा, क्या राज्य के शिक्षा और तकनीक मंत्री को यह भी समझ है कि वह क्या बोल रहे हैं? दुनिया किस दिशा में जा रही है और हम किस बारे में बात कर रहे हैं? महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री पत्थरों पर मिले फिंगरप्रिंट को आधार से जोड़ना चाहते हैं। मैं चंद्रकांत पाटिल के दिमाग पर फिंगरप्रिंट देखना चाहता हूं।
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ठाकरे ने आगे कहा, कोल्हापुर ने उन्हें पुणे भेजा था, ताकि शायद उनमें समझ बढ़े, लेकिन यहां भी कुछ नहीं हुआ। अगर ऐसा शिक्षा मंत्री होगा तो क्या जेन-जी अपना आपा नहीं खोएगा?
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