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दूसरे दलों से आने वाले भी भाजपा सरकार में राज्यपाल बने, केवल ये नेता रहे अपवाद

Sun, 21 Jul 2019 04:42 AM IST
Nilesh Kumar शरद गुप्ता, नई दिल्ली
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अमित शाह और सत्यपाल मलिक (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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आखिर भाजपा ने राज्यपाल का पद भी दूसरे दलों से आने वालों के लिए खोल दिया है। शनिवार को घोषित हुए नामों में जहां जगदीप धनकड़ जनता दल से कांग्रेस के रास्ते भाजपा तक पहुंचे हैं वहीं फागू चौहान कुछ साल पहले तक बसपा में थे। इससे पहले मोदी सरकार में पिछले पांच वर्षों के दौरान नियुक्त हुए लगभग सभी राज्यपाल या तो खांटी भाजपा काडर से थे या पूर्व नौकरशाह।

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भाजपा ने दूसरे दलों से आकर भाजपा में शामिल होने वालों को कभी बड़े पद नहीं दिए। पिछली बार हरियाणा कांग्रेस छोड़कर भाजपा के टिकट पर जीते चौधरी बीरेंद्र सिंह ही मोदी मंत्रिमंडल में कैबिनेट स्तर के मंत्री बनाए जाने वाले एकमात्र दलबदलू नेता थे। 

उनके अलावा कांग्रेस से आए राव इंद्रजीत सिंह और राजद छोड़कर भाजपा के टिकट पर जीते राम कृपाल यादव को राज्यमंत्री का दर्जा देकर मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। लेकिन पिछले पांच सालों के दौरान मोदी सरकार द्वारा नियुक्त लगभग सभी राज्यपाल संघ और भाजपा की पृष्ठभूमि से थे।
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पिछले वर्ष जम्मू कश्मीर के राज्यपाल बनाए गए सत्यपाल मलिक एकमात्र अपवाद रहे। वे 1989 में अलीगढ़ से जनता दल के टिकट पर जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। लेकिन 1996 में सपा के टिकट पर लड़कर वे चौथे स्थान पर रहे थे।

अब भाजपा नेतृत्व ने धनकड़ और फागू चौहान को राज्यपाल के पद से नवाज कर इसे अपवाद नहीं रहने दिया है। जहां धनकड़ भी 1989 में राजस्थान के झुंझनू से जनता दल के टिकट पर सांसद बने और वीपी सिंह की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे, वहीं फागू चौहान 2007 में उत्तर प्रदेश की मायावती सरकार में मंत्री पद पर थे। 

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