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ओशो की संपत्ति हड़पने का मामला पहुंचा स्पेन, फर्जी हस्ताक्षर पर आएगी रिपोर्ट

Wed, 25 Apr 2018 10:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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अध्यात्मिक गुरु ओशो की संपत्ति कथित रूप से हड़पे जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। बांबे हाईकोर्ट ने पुणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को 29 जून तक अध्यात्मिक गुरु ओशो के वसीयत की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने यह जानना चाहा है कि पुलिस ने वसीयत को स्पेन से हासिल करने की दिशा में क्या कदम उठाए हैं।

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याचिकाकर्ता ने ओशो की वसीयत में फर्जी हस्ताक्षर का लगाया है आरोप

बांबे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आरएम सावंत व न्यायमूर्ति सारंग कोतवला की खंडपीठ ने पुणे निवासी योगेश ठक्कर की ओर से दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। याचिका में दावा किया गया है कि ओशो की वसीयत में उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए हैं। याचिका में ओशो इंटरनेशनल फाउंडेशन के ट्रस्टियों पर फाउंडेशन की निधि हड़पने के कथित आरोप लगाए गए हैं। 

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स्थानीय अदालत ने स्पेन की कोर्ट को भेजा है आग्रह पत्र

इसके साथ ही कहा गया है कि ट्रस्टियों ने ओशो से जुड़े बौद्धिक संपदा अधिकार (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट) भी अपने पास रख लिए हैं। वहीं, सरकारी वकील अरुणा पई ने खंडपीठ को बताया कि इस संबंध में पुलिस ने विदेश मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। पुणे की स्थानीय अदालत ने भी स्पेन की कोर्ट को एक आग्रह पत्र भेजा है जहां ओशो की एक वसीयत होने का दावा किया गया है।

बांबे हाईकोर्ट ने पुणे पुलिस को दिया निर्देश 

पई ने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इस दौरान उन्होंने जांच को लेकर एक प्रगति रिपोर्ट भी खंडपीठ के सामने पेश की। ठक्कर ने इसको लेकर पुणे के कोरेगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस की ओर से जांच की दिशा में कोई ठोस कदम न उठाए जाने के चलते बाद में इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंप दी गई थी। 
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