ठाणे के कल्याण के एक निजी अस्पताल में मरीज की जांच कर रहे ऑर्थोपेडिक डॉक्टर योगेंद्र जायसवाल के साथ उसके बेटे ने कथित तौर पर बदसलूकी और मारपीट की। डॉक्टर का आरोप है कि बातचीत के तरीके पर आपत्ति जताने के बाद आरोपी ने उन्हें गालियां दीं और पीटा। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच डॉक्टरों ने अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
डॉक्टर से बदसलूकी के बाद मारपीट
ऑर्थोपेडिक डॉक्टर योगेंद्र जायसवाल के साथ एक मरीज के बेटे ने बदसलूकी की और मारपीट की। डॉक्टर ने मरीज के बेटे के अनौपचारिक और अभद्र तरीके से बात करने पर आपत्ति जताई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। यह हमला शनिवार रात करीब 11 बजे हुआ, जब डॉक्टर एक मरीज की जांच कर रहे थे।
पसली में फ्रैक्चर वाले मरीज का कर रहे थे इलाज
डॉ. योगेंद्र जायसवाल ने पत्रकारों को बताया, 'मैं जयवंत देशमुख नाम के मरीज की जांच कर रहा था, जिनकी पसली टूट गई थी। मैंने उन्हें पूरी प्रक्रिया समझाई कि पट्टी कैसे बांधनी है और दवा कैसे लेनी है। लेकिन, उनके बेटे ने बार-बार वही सवाल पूछा और मेरे साथ बदतमीजी से और अनौपचारिक भाषा में बात की।'
‘तुम खुद को क्या समझते हो?’
उन्होंने आगे कहा, 'जब मैंने उनसे पूछा कि वे मेरे साथ इतनी अनौपचारिक भाषा में क्यों बात कर रहे हैं, तो उन्होंने पलटकर कहा, 'तुम खुद को क्या समझते हो- कोई बहुत बड़े डॉक्टर हो?' इसके बाद वे बाहर गए और मुझे गालियां देने लगे। जब मैंने इसका विरोध किया, तो वे वापस आए और मुझे पीटने लगे।'
डॉ. जायसवाल ने आरोपी के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
लगातार हो रहे हमलों से डॉक्टरों में चिंता
डोंबिवली में हुए हमले के ठीक बाद सामने आई इस घटना ने डॉक्टरों की चिंता और बढ़ा दी है। डॉक्टर बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। मेडिकल कम्युनिटी ने सरकार से सवाल किया है कि अगर अस्पतालों में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ही सुरक्षित नहीं हैं, तो ऐसे माहौल में अस्पताल कैसे चलेंगे?
पहले भी डॉक्टर पर हमले का मामला आया था सामने
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब महाराष्ट्र में डॉक्टर पर हमले की जानकारी सामने आई है। इससे पहले जुलाई की शुरुआत में कल्याण-डोंबिवली के शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को एक महिला डॉक्टर को मारते हुए कैमरे में कैद किया गया था। उन्हें और उनके समर्थकों को दूसरे स्टाफ और नर्सों के साथ मारपीट करते हुए भी देखा गया था। हालांकि, कॉर्पोरेटर ने डॉक्टर पर हमला करने की बात से इनकार किया था और माफी मांगने से भी इनकार कर दिया था।
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‘सालों की मेहनत के बाद भी मारपीट झेल रहे हैं डॉक्टर’
डॉ. जायसवाल, जो इस घटना के बाद अभी भी सदमे में हैं, ने कहा,'हम डॉक्टर मरीजों की जान बचाने के लिए वर्षों तक पढ़ाई और कड़ी मेहनत करते हैं। इसके बावजूद तारीफ के बजाय हमें मारपीट का सामना करना पड़ता है। यह बिल्कुल गलत है।'