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भाजपा सरकार में बैंक बढ़ा रहे हैं कस्टमर का बोझ, कांग्रेस ने लगाया आरोप

Sun, 02 Apr 2017 03:53 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भ्ाट्ट
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कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र की भाजपा सरकार ने नए साल की शुरुआत से नोटबंदी की मार के बाद अब पहली अप्रैल से कई लोक विरोधी कदम उठाकर आम नागरिकों की पीड़ा और बढ़ा दी है। जनता से जुड़ी योजनाओं पर एक ओर कई तरह के कर लगे ही हैं, जरुरतमंद लोगों की सब्सिडी भी खत्म होने जा रही है।
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कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि  कहीं विकास या वृद्धि देखने को मिलती है तो वो बढ़ती कीमतों मेें और महंगे डिजिटल भारत के प्रचार अभियान में। बैंकों के खाताधारकों पर लगाए जा रहे मनमाने बैंक चार्ज में बढ़ोतरी दिख रही है। उनका कहना है कि सरकार ने बैंकों में ग्राहकों के दिन प्रतिदिन के लेन-देन पर अंकुश लगाते हुए कई अतिरिक्त शुल्क लगाए हैं। स्टेट बैंक ऑफ  इंडिया सहित सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों ने पहली अप्रैल से खातों में न्यूनतम शेष राशि नहीं रखने पर जुर्माना लगाना शुरू कर दिया है। अब खाताधारकों के लिए 5000 रुपये निर्धारित किया गया है।

सुरजेवाला का कहना है कि बैंक बचत खाता धारकों को एक महीने में तीन बार नि:शुल्क जमा की सुविधा देगा। इसके बाद हर जमा पर 50 रुपये और सर्विस टैक्स अतिरिक्त कर के रूप में लिया जाएगा। इसके लिए 100 रुपये चार्ज के साथ सर्विस टैक्स फाइन देना होगा। निजी बैंकों ने  पहली मार्च  से ही नए नकद लेन-देन कानून लागू कर दिया था। एटीएम से एक महीने में 3 बार से अधिक नकदी निकासी पर 20 रुपए शुल्क लगेगा और यदि यह निकासी एसबीआई एटीएम से पांच से अधिक बार किया जाता है तो 10 रुपये का शुल्क लिया जाएगा।
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सुरजेवाला का कहना है कि अब से अंतरराज्यीय आवागमन व्यापार के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले बसों और ट्रकों को टोल टैक्स के रूप में अधिक खर्च करना होगा। इस नए साल में बीजेपी सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली या राशन दुकानों के माध्यम से बेची जाने वाली चीनी से सब्सिडी हटाने का जनता विरोधी फैसला किया है। इसी प्रकार लोक भविष्य निधि दर 40 वर्षों में पहली बार 8 प्रतिशत से नीचे आ गई हैं। सरकार ने अप्रैल-जून की तिमाही में पीपीएफ किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर भी घटा दी है।
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