बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में बुधवार की रात बवाल हो गया। पहले हॉस्टल के छात्रों और रेजीडेंट डॉक्टरों के बीच मारपीट हुई। बाद में हॉस्टल के छात्रों ने आधा घंटे तक मनमानी करते हुए तमाम गाडि़यों में तोड़फोड़ की और कई वाहनों में आग लगा दी।
आगजनी के बीच धमाके और फायरिंग की आवाज भी सुनी गई। इस दौरान हॉस्टल में घुसने की कोशिश कर रहे प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम पर भी छात्रों ने पथराव किया। बवाल के बाद परिसर के अंदर और आसपास 19 थानों की फोर्स और चार क्षेत्राधिकारियों के साथ पीएसी तैनात कर दी गई है।
डीएम विजय किरन आनंद और एसएसपी आकाश कुलहरि देर रात तक बीएचयू कैंपस में ही मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने वीसी से वार्ता भी की। बवाल में कई छात्र गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। उधर, घटना के विरोध में देर रात जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चल गए।
आरोप डॉक्टरों ने छात्रों को पीटा
घायल छात्र
घटनाक्रम के मुताबिक बीए द्वितीय वर्ष के छात्र शुभम तेवतिया अपने मित्र प्रभात उपाध्याय के साथ ट्रॉमा सेंटर में ड्रेसिंग कराने गए थे। उस समय वहां मौजूद डॉक्टर आपस में हंसी-मजाक कर रहे थे। इस पर आपत्ति जताने पर कहासुनी हो गई।
छात्रों का आरोप है कि इसी बीच रेजीडेंट डॉक्टरों ने दोनों छात्रों को पीट दिया। पिटने के बाद छात्रों ने अपने पांच-छह छात्रों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्य, सुरक्षाकर्मियों, रेजीडेंट डॉक्टर और ट्रॉमा सेंटर के स्टाफ ने उनको जमकर पीटा और बंधक बना लिया।
इससे गुस्साए बिरला हॉस्टल के छात्र ट्रॉमा सेंटर पहुंच गए और वहां नारेबाजी करने लगे। इसी दौरान पिटाई से घायल छात्रों को एंबुलेंस से सर सुंदरलाल अस्पताल ले जाया जाने लगा। अस्पताल की इमरजेंसी में उनका उपचार चल रहा है।
छात्रों और एसएसपी के बीच गरमा-गरमी
बीएचयू में बवाल
तीन छात्रों को कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल पहुंचा दिया गया है। घायलों को देखकर छात्र और भड़क गए लेकिन तब तक सूचना मिलने पर एसएसपी आकाश कुलहरि ने वायरलेस पर सभी थानेदारों को बीएचयू पहुंचने को कहा।
फोर्स को लेकर एसएसपी भी बीएचयू पहुंच गए। बवाल करने वाले छात्रों और एसएसपी के बीच गरमा-गरमी भी हुई। इसके बाद छात्र नारेबाजी करते हुए बीएचयू कैंपस की ओर चले गए।
कुछ छात्र सर सुंदरलाल अस्पताल और कुछ छात्र मेडिकल विद्यार्थियों के धनवंतरि हॉस्टल पहुंच गए। धनवंतरि हॉस्टल पहुंचे छात्रों ने हॉस्टल की पार्किंग में खड़े दर्जन भर से अधिक वाहनों को बुरी तरह तोड़ दिया। आधा दर्जन से ज्यादा दोपहिया वाहनों में आग लगा दी।