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OPS: मुंबई के आजाद मैदान में पुरानी पेंशन की मांग के लिए उमड़ा सरकारी कर्मियों का हुजूम, मंजूर नहीं NPS और GPS

Wed, 28 Feb 2024 07:36 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कर्मियों ने पुरानी पेंशन दिलाने वाली पार्टी को वोट देने का संकल्प लिया है। वोट फॉर ओपीएस संकल्प यात्रा की शुरुआत 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर नागपुर से शुरू हुई है। यह यात्रा जालना, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे नगर, शिरडी, नासिक होते हुए अमरवती, वाशिम, नांदेड, लातूर, परभणी, हिंगोली, बुलढाणा और सिंदखेड राजा से होकर गुजरी है...
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मुंबई के आजाद मैदान में पुरानी पेंशन की मांग के लिए उमड़े सरकारी कर्मी - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश के विभिन्न हिस्सों में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू कराने के लिए सरकारी कर्मियों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। इसी कड़ी में पुरानी पेंशन की मांग को लेकर बुधवार को मुंबई के आजाद मैदान में 'महाराष्ट्र राज्य पुरानी पेंशन एसोसिएशन' द्वारा राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया गया है। 19 फरवरी को वोट फॉर ओपीएस संकल्प यात्रा मंगलवार को मुंबई पहुंची है। एसोसिशन के सोशल मीडिया प्रमुख विनायक चौबे के मुताबिक, इस प्रदर्शन में राज्य के लाखों कर्मी शिरकत कर रहे हैं। एसोसिएशन की मांग है कि राज्य के सभी सरकारी और अर्ध सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का फायदा दिया जाए। कर्मियों को ओपीएस के अलावा दूसरी योजना मंजूर नहीं है।

विनायक चौबे के अनुसार, इस प्रदर्शन में राज्य के लाखों कर्मी शिरकत कर रहे हैं। एसोसिएशन की मांग है कि राज्य के सभी सरकारी और अर्ध सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था का फायदा दिया जाए। दिसंबर 2023 के दौरान नागपुर में पेंशन जनक्रांति महामोर्चा के तत्वाधान में लाखों कर्मचारी सड़क पर उतर आए थे। उस वक्त मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में वादा किया था कि ओपीएस लागू करने का निर्णय लिया जाएगा। पुरानी पेंशन योजना संगठन के प्रदेशाध्यक्ष वितेश खांडेकर ने कहा, अब बजट सत्र आ गया है।

विरोध प्रदर्शन में जुटे सरकारी कर्मियों का एक ही मकसद है कि पुरानी पेंशन लागू की जाए। पुरानी पेंशन, सरकारी कर्मियों का अधिकार है। कर्मियों को एनपीएस मंजूर नहीं है। सरकार, एनपीएस को खत्म कर गारंटीड पेंशन योजना लागू करने की तैयारी कर रही है। कर्मियों को एनपीएस या जीपीएस स्वीकार नहीं है। आजाद मैदान में एकत्रित हुए सरकारी कर्मियों ने वोट फॉर ओपीएस की शपथ ली।

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मुंबई के आजाद मैदान में पुरानी पेंशन की मांग के लिए उमड़े सरकारी कर्मी - फोटो : Amar Ujala

कर्मियों ने पुरानी पेंशन दिलाने वाली पार्टी को वोट देने का संकल्प लिया है। वोट फॉर ओपीएस संकल्प यात्रा की शुरुआत 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर नागपुर से शुरू हुई है। यह यात्रा जालना, छत्रपति संभाजीनगर, पुणे नगर, शिरडी, नासिक होते हुए अमरवती, वाशिम, नांदेड, लातूर, परभणी, हिंगोली, बुलढाणा और सिंदखेड राजा से होकर गुजरी है।
देश में 'पुरानी पेंशन' बहाली के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार को ओपीएस लागू करने के लिए छह सप्ताह का अल्टीमेटम दिया था। यह अहम निर्णय, सात फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित हुई नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) के पदाधिकारियों की बैठक में लिया गया था। केंद्र सरकार को अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस देने और स्ट्राइक की तिथि घोषित करने के लिए एक कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के सात पदाधिकारियों को शामिल किया गया है।

इस कमेटी की बैठक, जल्द बुलाई जाएगी। इस महत्वपूर्ण कमेटी में शिव गोपाल मिश्रा, संयोजक (जीएस/एआईआरएफ), डॉ. एम राघवैया, सह-संयोजक (जीएस/एनएफआईआर), कामरेड एसएन पाठक, अध्यक्ष एआईईडीएफ, कामरेड अशोक सिंह, अध्यक्ष आईएनडीडब्ल्यूएफ, कारमेड रूपक सरकार, आईटीईएफ/कन्फेडरेशन, कारमेड गीता पांडे, अध्यक्ष एआईपीटीएफ और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद यूपी के अध्यक्ष कारमेड हरि किशोर तिवारी को शामिल किया गया है। यह कमेटी तय करेगी कि पुरानी पेंशन बहाली के लिए अब अगला कदम क्या हो। अनिश्चितकालीन हड़ताल की तिथि घोषित करना, यह तय करने का अधिकार भी इस कमेटी को दिया गया है।

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