फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यसभा में विपक्ष की ताकत होगी कम, कांग्रेस की सीटें घटेंगी

Mon, 17 Feb 2020 01:52 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राज्यसभा में इस साल विपक्ष की ताकत और कम होगी क्योंकि 68 रिक्त होने वाली सीटों पर चुनाव में कांग्रेस अपनी कुछ सीटें गंवा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इस साल के अंत तक कांग्रेस के 19 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है और इनमें से उसकी नौ सीटें कम हो सकती हैं। 
विज्ञापन
राज्यसभा
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि कांग्रेस उच्च सदन में प्रियंका गांधी वाड्रा, ज्योतिरादित्य सिंधिया और रणदीप सिंह सुरजेवाला समेत कई बड़े नामों को भेजने पर विचार कर रही है।

विज्ञापन


कांग्रेस को अपने दम पर नौ और सहयोगी दलों की मदद से एक या दो सीटों पर जीत का पूरा भरोसा है। पार्टी को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र से फायदा होने की उम्मीद है। तीन राज्यों में उसकी खुद की सरकार है जबकि महाराष्ट्र में वह गठबंधन सरकार का हिस्सा है।

इस साल खाली होने वाली 68 सीटों को भरने के लिए अप्रैल, जून और नवंबर में चुनाव कराए जाएंगे। इन चुनावों के बाद एनडीए सदन में बहुमत के आंकड़े के नजदीक पहुंच सकता है।  

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

कांग्रेस वोरा, सैलजा और दिग्विजय को फिर से उच्च सदन भेज सकती है

सूत्रों के अनुसार, अप्रैल में 51, जून में पांच, जुलाई में एक और नवंबर में 11 सीटें खाली होंगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा, मधुसूदन मिस्त्री, कुमारी सैलजा, दिग्विजय सिंह, बीके हरिप्रसाद और एमवी राजीव गौड़ा का कार्यकाल अप्रैल और जून में खत्म हो रहा है।

इनमें से पार्टी वोरा, सैलजा और दिग्विजय को फिर से उच्च सदन भेज सकती है। वहीं राज बब्बर और पीएल पुनिया को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से फिर से निर्वाचित होना मुश्किल है। इन दोनों राज्यों में भाजपा फायदे में रहेगी। उत्तराखंड की एक और उत्तर प्रदेश की 10 सीटें इस साल नवंबर में खाली होंगी। 

महाराष्ट्र और तमिलनाडु से छह-छह, पश्चिम बंगाल, बिहार से पांच-पांच, गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से चार-चार सांसदों का कार्यकाल खत्म होगा। इनमें एनसीपी प्रमुख शरद पवार प्रमुख चेहरा हैं। कांग्रेस राजस्थान की तीन में से दो, मध्य प्रदेश की तीन में से दो, छत्तीसगढ़ से दो, महाराष्ट्र और कर्नाटक से एक-एक सीट पर अपने नेताओं को निर्वाचित करा सकती है। हालांकि उसे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मेघालय और असम की सीटों को गंवाना पड़ेगा। 

भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को राज्यसभा में बहुमत हासिल नहीं है और उसे अहम बिलों को पास कराने के लिए बीजद, वाईएसआर कांग्रेस, एआईएडीएमके जैसे दलों की मदद लेनी पड़ती है। 245 सदस्यीय सदन में भाजपा के 82 और कांग्रेस के 46 सांसद हैं। सदन में 12 नामित सदस्य हैं जिनमें से छह ने खुद को भाजपा से संबंधित किया हुआ है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें