महाराष्ट्र विधान भवन की सीढ़ियों पर विपक्ष के नेताओं ने सोमवार को प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल पर नारे भी लगाए। यह विरोध प्रदर्शन नागपुर में विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के उद्घाटन के दिन आयोजित किया गया था। राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता अंबादास दानवे इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शन में संविधान और लोकतंत्र को बचाने का आह्वान किया और ईवीएम के इस्तेमाल का विरोध किया।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी पार्टियों के नेताओं ईवीएम हटाओ देश बचाओ, ईवीएम हटाओ संविधान बचाओ और ईवीएम हटाओ लोकतंत्र बचाओ के नारे भी लगाए। इस दौरान अंबादास दानवे के साथ कांग्रेस विधायक विजय वडेट्टीवार नितिन राउत, भाई जगताप, विकास ठाकरे, शिवसेना (यूबीटी) नेता भास्कर जाधव, वरुण देसाई और सचिन अहीर और राकांपा-एसपी विधायक जितेंद्र अवध भी मौजूद थे।
पत्रकारों से बात करते हुए अंबादास दानवे ने दावा किया कि लोकतंत्र के लिए ईवीएम बहुत खतरनाक है। लोग चुनाव में ईवीएम के इस्तेमाल का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा, हमें लगता है कि ईवीएम को जल्द हटाना चाहिए। चुनाव मतपत्र में कराना चाहिए।
फडणवीस ने किया था पलटवार
महाविकास अघाड़ी (एमवीए) द्वारा महायुति को ईवीएम की सरकार कहने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार सत्ता में आई, क्योंकि हर वोट महाराष्ट्र के लिए गया है।" फडणवीस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दानवे ने कहा, "हर वोट मतपत्र के लिए।" कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि ईवीएम का मतलब है हर वोट महायुति के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार ने ईवीएम का दुरुपयोग किया।
महाविकास अघाड़ी (एमवीए) द्वारा महायुति को ईवीएम की सरकार कहने पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार सत्ता में आई, क्योंकि हर वोट महाराष्ट्र के लिए गया है।" फडणवीस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दानवे ने कहा, "हर वोट मतपत्र के लिए। कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि ईवीएम का मतलब है हर वोट महायुति के लिए।" उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और महाराष्ट्र सरकार ने ईवीएम का दुरुपयोग किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और एमवीए में ईवीएम के बजाय मतपत्रों के इस्तेमाल के बारे में जागरूकता बढ़ाएंगे।