विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के मुताबिक, इसके लिए सांसदों के हस्ताक्षर जुटा लिए गए हैं और नोटिस गुरुवार या शुक्रवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में दिया जा सकता है।
लोकसभा में 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर की जरूरत
बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस मुहिम पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े केचैंबर में हुई बैठक में सहमति बनी। बैठक में उपस्थित राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने टीएमसी के प्रस्ताव का समर्थन किया। इसके तत्काल बाद बृहस्पतिवार को ही नोटिस देने केलिए जरूरी सांसदों के हस्ताक्षर कराए गए। योजना दोनों सदनों में नोटिस देने की है। गौरतलब है कि महाभियोग की प्रक्रिया के लिए लोकसभा में 100 और राज्यसभा में 50 सांसदों के हस्ताक्षर की जरूरत पड़ती है। सीईसी को हटाने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट के जजों को हटाने की तरह ही प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है।
टीएमसी चाहती है कि अप्रैल-मई में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में एसआईआर को बड़ा मुद्दा बनाने केलिए इसी सत्र में महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा हो। प्रक्रिया शुरू करने और मुख्य रूप से चर्चा के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी है। अगर बृहस्पतिवार को नोटिस दिया गया तो इसी सत्र में प्रस्ताव पर चर्चा हो जाएगी।