11 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार को घेरने के लिए विपक्ष सर्वस्वीकार्य एजेंडा तैयार करेगा। इसके लिए 10 दिसंबर को बैठक बुलाई गई है। इसमें सरकार को किसान, सीबीआई में खींचतान, नोटबंदी से नुकसान जैसे मुद्दों पर घेरने की रणनीति बनाई जाएगी।
बैठक के लिए कांग्रेस, सपा, बसपा, टीडीपी, एनसीपी, टीएमसी, पीडीपी, एनसी, राजद, जदएस, डीएमके, भाकपा, माकपा, आम आदमी पार्टी समेत अन्य कई विपक्षी दलों ने अपनी स्वीकृति दे दी है। दरअसल, इस सत्र में सरकार और भाजपा की रणनीति राम मंदिर निर्माण मुद्दे पर विपक्ष को घेरने की है। इसके तहत पार्टी सांसद राकेश सिन्हा समेत कुछ अन्य भाजपा सांसद राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने संबंधी निजी बिल राज्यसभा में पेश करेंगे।
दूसरी ओर कांग्रेस सरकार पर पलटवार के लिए पहले दिन से ही किसानों की बदहाली को मुद्दा बनाना चाहती है। वाम दल भी इससे सहमत हैं। जबकि टीडीपी, राजद और टीएमसी कथित तौर पर केंद्र द्वारा सीबीआई के दुरुपयोग के मुद्दे पर हमलावर होना चाहते हैं।
10 दिसंबर की बैठक में किस मुद्दे को किस सदन में कब उठाया जाए, इस पर सर्वसम्मति बनाई जाएगी। सत्र के पहले ही दिन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे आ जाएंगे और इसका असर संसद की कार्यवाही और सरकार-विपक्ष की रणनीति पर पड़ेगा।