आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में 21 विपक्षी पार्टियों ने शनिवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों में उन्हें छह दिन की देरी मंजूर है लेकिन 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों का मिलान होना चाहिए। उनका कहना है कि चुनाव आयोग का दावा है कि 13.5 लाख ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल चुनाव में होगा।
फिलहाल चुनाव आयोग हर क्षेत्र से कोई भी एक ईवीएम चुनकर उसकी पर्चियों का मिलान करता है। अभी देश में कुल 10.35 लाख मतदान केंद्र हैं। वहीं एक विधानसभा सीट में औसतन 250 मतदान केंद्र हैं। आयोग ने कहा है कि एक मतदान केंद्र पर वीवीपैट गिनती में एक घंटे का वक्त लग जाता है। अगर इसे 50 फीसदी तक बढ़ा दिया जाए तो इसमें औसतन 5.2 दिन लगेंगे।
यह याचिका विपक्षी दलों की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने दायर की थी। उनका कहना है कि ऐसा करने से चुनाव परिणाम की घोषणा में तीन से चार घंटे की देरी होगी। लेकिन लोगों का चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा बढ़ेगा।