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एग्जिट पोल के नतीजों के बाद वीवीपैट पर आज आयोग से मिलेंगे विपक्षी नेता

Tue, 21 May 2019 12:58 AM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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एग्जिट पोल के नतीजे आने के बाद विपक्ष ने अपनी रणनीति बदल दी है। भाजपा की सरकार बनती देख उन्होंने मंगलवार को होने वाली अपनी बैठक स्थगित कर दी है। लोकसभा चुनाव नतीजों से पहले विपक्षी दलों ने मंगलवार को चुनाव आयोग से मिलने की तैयारी की है। इस मुलाकात में ईवीएम के साथ वीवीपैट की पर्ची के मिलान का मुद्दा उठाया जाएगा। विपक्ष की मांग है कि यदि किसी भी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी पाई जाती है तो समूचे विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम के साथ वीवीपैट का मिलान होना चाहिए। 

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विपक्षी दलों को लगता है कि 23 मई को नतीजों के बाद अगर करीबी स्थिति बनती है तो यूपीए समेत तीसरे मोर्चे की संभावना पर विचार किया जा सकता है। इसके लिए चंद्रबाबू नायडू तीन दिन से मोर्चा संभाले हैं। शरद पवार मंगलवार को दिल्ली पहुंच जाएंगे। 

यह दोनों नेता अपने स्तर से विपक्षी दलों को एकजुट करके यूपीए के पक्ष में लाने की कवायद में जुटे हैं। यह बात और है कि सपा-बसपा गठबंधन ने विपक्ष की एकता में अपने सहयोग के वादे को तो दुहराया है, लेकिन गठबंधन की भूमिका पर अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

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विपक्ष को बटोरने में जुटे नायडू

वैसे पिछले तीन दिनों में चंद्रबाबू नायडू ने सीताराम येचुरी, डी. राजा, शरद पवार, मायावती और अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद सोमवार को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से कोलकाता में भेंट कर महागठबंधन की रणनीति पर चर्चा की है।
  
इस बीच सोमवार को पवार ने वाईएसआरसीपी के जगनमोहन रेड्डी और नवीन पटनायक से बात की है। रेड्डी के आंध्र विधानसभा और लोकसभा में श्रेष्ठ प्रदर्शन की संभावना बताई जा रही है। इस क्रम में पवार उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी संपर्क में हैं। भाजपा भी पटनायक के प्रति अपना रुक सकारात्मक बनाए है। इन सबके बीच पटनायक की चुप्पी कयासों को जन्म दे रही है।  

इन सबके बीच तीसरे मोर्चे की कवायद को लेकर केसीआर भी सक्रिय हैं। ऐसी भी खबर है कि यदि यूपीए गठबंधन में पिछड़ती है तो तीसरे मोर्चे की कवायद शुरू हो सकती है। इसके अलावा अब गठबंधन छोटे दलों पर भी निशाना साध रहा है। इस क्रम में आंध्र में जनसेना पार्टी के पवन कल्याण को साधने की भी जुगत की जा रही है। 
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मायावती ने दिया विपक्ष की एकता को झटका

इस बीच विपक्ष की एकता को झटका देते हुए दिल्ली आ रही मायावती ने ऐन मौके पर अपना कार्यक्रम बदल दिया है। अब वह 23 मई को नतीजे आने के बाद वापस लौटेंगी। इससे पहले एग्जिट पोल में गठबंधन के पास और फेल होने के अटकलों के बीच मायावती ने सपा प्रमुख अखिलेश मुलाकात की थी।
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